जिला परिषद सीकर के लोकपाल (वीबी-जी) हरिराम ने मनरेगा कार्यों में अनियमितता के एक मामले में कार्रवाई करते हुए संबंधित कार्मिकों के विरुद्ध आदेश जारी किए हैं। यह कार्रवाई परिवाद संख्या 46/2025-26 की जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर की गई।
लोकपाल ने बताया कि ग्राम पंचायत भीलूण्डा, पंचायत समिति नेछवा में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के कार्यों की जांच के दौरान विभिन्न स्तरों पर अनियमितताएं पाई गईं।
जांच में सामने आईं अनियमितताएं
जांच के दौरान पाया गया कि ग्राम विकास अधिकारी, कनिष्ठ सहायक एवं मेट ने राज्य सरकार के आदेशों, विभागीय दिशा-निर्देशों और मनरेगा के प्रावधानों की अवहेलना की। इसके अलावा जांच में मिथ्या एवं असत्य जवाब प्रस्तुत करने तथा कार्यों में अनियमितता बरतने के तथ्य भी सामने आए।
दो अधिकारियों पर जुर्माना, मेट को ब्लैकलिस्ट करने के निर्देश
लोकपाल ने महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम, 2005 की धारा 25 के तहत ग्राम विकास अधिकारी नर्बदा कुमारी और कनिष्ठ सहायक रमेश चंद पर ₹500-₹500 की शास्ति अधिरोपित की है। दोनों को यह राशि राजकोष में जमा कराने तथा भविष्य में मनरेगा कार्यों का नियमानुसार पर्यवेक्षण और निरीक्षण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
इसके अलावा कनिष्ठ तकनीकी सहायक मुकेश कुमार को भविष्य में मनरेगा कार्यों की निगरानी नियमानुसार करने की हिदायत दी गई है।
20 दिन में देनी होगी अनुपालना रिपोर्ट
लोकपाल ने विकास अधिकारी एवं कार्यक्रम अधिकारी, पंचायत समिति नेछवा को निर्देश दिए हैं कि मामले में दोषी मेट ताराचंद की आईडी तत्काल ब्लॉक कर उसे ब्लैकलिस्ट किया जाए।
साथ ही संबंधित अधिकारियों को आदेशों की बिंदुवार अनुपालना रिपोर्ट प्रमाण सहित 20 दिनों के भीतर लोकपाल कार्यालय में प्रस्तुत करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
लोकपाल ने बताया कि परिवाद संख्या 46/2025-26 का निस्तारण करते हुए संबंधित अधिकारियों एवं कार्मिकों के विरुद्ध आवश्यक कार्रवाई के आदेश जारी कर दिए गए हैं।






