सीकर। जिला कलेक्टर आशीष मोदी के निर्देशानुसार सोमवार को जिले के सभी उपखंड अधिकारियों एवं तहसीलदारों ने अपने-अपने क्षेत्रों में संचालित मोबाइल पशु चिकित्सा कॉल रिकॉर्ड वैनों का सघन निरीक्षण किया।
अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर वैनों के संचालन, उपलब्ध चिकित्सा सुविधाओं, दवाइयों की उपलब्धता तथा पशुपालकों को दी जा रही सेवाओं का सत्यापन किया।
दवाइयों और उपकरणों की जांच
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने दवाइयों के स्टॉक रजिस्टर और भौतिक स्टॉक का मिलान किया। साथ ही यह सुनिश्चित किया गया कि वैन में कोई भी एक्सपायरी दवा उपलब्ध या उपयोग में नहीं है।
इसके अलावा कोल्ड स्टोरेज सुविधा, फ्रिज, इन्वर्टर, चिकित्सा उपकरण, माइक और सायरन की कार्यशीलता की भी जांच की गई।
हेल्पलाइन रिकॉर्ड और जीपीएस का किया सत्यापन
अधिकारियों ने हेल्पलाइन कॉल रजिस्टर, कॉल रिकॉर्ड, जीपीएस लोकेशन और शिकायत निवारण व्यवस्था का भी सत्यापन किया। साथ ही चिकित्सक, चालक और अन्य कार्मिकों की उपस्थिति, वैन की स्वच्छता एवं रखरखाव का निरीक्षण किया गया।
पशुपालकों से लिया सेवाओं का फीडबैक
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने पशुपालकों से सीधे संवाद कर सेवाओं की गुणवत्ता के बारे में जानकारी ली। उन्होंने पूछा कि कॉल के बाद वैन निर्धारित समय पर पहुंची या नहीं, उपचार और दवाइयां निःशुल्क उपलब्ध कराई गईं या नहीं तथा चिकित्सकों ने बीमारी और उपचार के बारे में पर्याप्त जानकारी दी या नहीं।
इसके साथ ही हेल्पलाइन पर दर्ज कॉल और वास्तविक दौरे के रिकॉर्ड का भी मिलान किया गया।
सेवाओं को और प्रभावी बनाने के निर्देश
निरीक्षण के बाद अधिकारियों ने मोबाइल वैन संचालकों और चिकित्सा दल को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने सेवाओं को अधिक प्रभावी, पारदर्शी और समयबद्ध बनाए रखने पर जोर दिया, ताकि पशुपालकों को गुणवत्तापूर्ण एवं त्वरित पशु चिकित्सा सेवाओं का लाभ लगातार मिलता रहे।






