सीकर। राजस्थान सरकार की मुख्यमंत्री मंगल पशु बीमा योजना पशुपालकों के लिए आर्थिक सुरक्षा का मजबूत आधार बनती जा रही है। पशुधन की आकस्मिक मृत्यु होने पर मिलने वाली बीमा राशि से पशुपालकों को कठिन समय में राहत मिल रही है और वे बिना बड़े आर्थिक नुकसान के अपने पशुपालन व्यवसाय को जारी रख पा रहे हैं।
सीकर जिले की ग्राम रैवासा (तहसील पलसाना) निवासी कमला देवी, पत्नी गोपाल गुर्जर, इस योजना का लाभ पाने वाली लाभार्थियों में शामिल हैं।
10 भेड़ों का कराया बीमा, एक की मृत्यु पर मिला दावा
कमला देवी ने वर्ष 2024-25 में मुख्यमंत्री मंगल पशु बीमा योजना के तहत अपनी 10 भेड़ों का बीमा कराया था। योजना के अंतर्गत उन्हें 40 हजार रुपये का बीमा सुरक्षा कवरेज मिला।
अगस्त 2025 में उनकी एक भेड़ की मृत्यु हो गई। इसके बाद उन्होंने पशु चिकित्सक के मार्गदर्शन में आवश्यक दस्तावेज और औपचारिकताएं पूरी कर बीमा दावा प्रस्तुत किया।
संकट की घड़ी में मिली आर्थिक राहत
बीमा कंपनी द्वारा दावा स्वीकृत होने पर कमला देवी को 4 हजार रुपये की बीमा राशि प्रदान की गई। उन्होंने बताया कि यह राशि कठिन समय में उनके लिए बड़ी राहत साबित हुई और इससे पशुपालन का कार्य बिना किसी बड़ी आर्थिक बाधा के जारी रखने में मदद मिली।
कमला देवी ने कहा कि ऐसी योजनाएं ग्रामीण परिवारों को आर्थिक मजबूती देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।
अन्य पशुपालकों से भी योजना का लाभ लेने की अपील
कमला देवी ने मुख्यमंत्री मंगल पशु बीमा योजना के लिए राजस्थान सरकार का आभार व्यक्त करते हुए अन्य पशुपालकों से भी इस योजना का लाभ लेने की अपील की। उनका कहना है कि अप्रत्याशित परिस्थितियों में यह योजना आर्थिक सुरक्षा प्रदान करती है और पशुपालकों का आत्मविश्वास बढ़ाती है।
सरकार का उद्देश्य भी पशुधन संरक्षण के साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करना और पशुपालकों को वित्तीय सुरक्षा उपलब्ध कराना है।






