पालना गृह में मिला दो दिन का नवजात, सुरक्षा अलार्म बजते ही स्टाफ ने सुरक्षित पहुंचाया अस्पताल
सीकर। पालवास रोड स्थित राजकीय विशेषज्ञ दत्तक ग्रहण एजेंसी के पालना गृह में शुक्रवार 24 जुलाई 2026 को एक अज्ञात व्यक्ति द्वारा लगभग दो दिन के नवजात बालक को सुरक्षित छोड़ा गया। पालना गृह में शिशु रखे जाने के साथ ही वहां लगा सुरक्षा अलार्म सक्रिय हो गया, जिसके बाद स्टाफ ने निर्धारित प्रक्रिया के तहत नवजात को सुरक्षित अपने संरक्षण में लिया।
अलार्म बजते ही शुरू हुई निर्धारित प्रक्रिया
जानकारी के अनुसार पालना गृह में नवजात रखे जाने के बाद सुरक्षा अलार्म बज उठा। निर्धारित पांच मिनट की प्रतीक्षा अवधि पूरी होने पर शिशु गृह के कर्मचारी नरेश गुर्जर और देवीलाल ने पालना गृह का निरीक्षण किया, जहां उन्हें लगभग दो दिन का नवजात बालक मिला।
इसके बाद स्टाफ ने शिशु को तुरंत शिशु गृह परिसर में सुरक्षित पहुंचाया।
स्वास्थ्य परीक्षण के लिए अस्पताल भेजा गया
शिशु गृह की अधीक्षक रुक्मणी गढ़वाल ने घटना की जानकारी तत्काल सहायक निदेशक गार्गी शर्मा तथा बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष अंकुर बहड़ को दी।
बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष मौके पर पहुंचे और प्राथमिक चिकित्सा के बाद नवजात को विस्तृत स्वास्थ्य परीक्षण के लिए राजकीय जनाना अस्पताल के एलआईसीयू वार्ड भेजा गया, जहां चिकित्सकों ने उसका मेडिकल परीक्षण किया।
पालना गृह में बच्चे छोड़ने वालों की पहचान रहती है गोपनीय
बाल कल्याण समिति ने स्पष्ट किया कि पालना गृह में सुरक्षित छोड़े गए बच्चों या उन्हें छोड़ने वाले व्यक्ति के विरुद्ध कोई पुलिस जांच या मुकदमा दर्ज नहीं किया जाता। ऐसे मामलों में संबंधित व्यक्ति की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाती है।
असुरक्षित स्थानों पर छोड़ने के बजाय पालना गृह का करें उपयोग
बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष अंकुर बहड़ ने उन अज्ञात परिजनों और सहयोगियों का आभार व्यक्त किया जिन्होंने नवजात को झाड़ियों, नालों या अन्य असुरक्षित स्थानों पर छोड़ने के बजाय सुरक्षित विकल्प के रूप में पालना गृह का चयन किया।
उन्होंने सीकर शहर और आसपास के लोगों से अपील की कि यदि किसी कारणवश किसी नवजात की देखभाल संभव न हो, तो उसे लावारिस छोड़ने या नुकसान पहुंचाने के बजाय पालवास रोड स्थित पालना गृह में सुरक्षित छोड़ें, ताकि बच्चे को संरक्षण, देखभाल और बेहतर भविष्य मिल सके।






