सीकर में सड़क सुरक्षा पर सख्त निर्देश, 10 जगह लगेंगी ट्रैफिक लाइट, ब्लैक स्पॉट सुधारने के आदेश
जिला कलेक्टर आशीष मोदी की अध्यक्षता में सोमवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक आयोजित हुई। बैठक में सड़क सुरक्षा, यातायात व्यवस्था, दुर्घटना संभावित क्षेत्रों में सुधारात्मक कार्यों तथा आमजन से जुड़ी समस्याओं की विस्तृत समीक्षा कर संबंधित विभागों को आवश्यक निर्देश दिए गए।
जिला कलेक्टर ने कहा कि सड़क सुरक्षा से जुड़े सभी कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर समयबद्ध तरीके से पूरा किया जाए और सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करें।
यातायात सुधार के लिए कई अहम फैसले
बैठक में रीको तिराहे से डिपो तिराहे तक ट्रैफिक प्रबंधन की समीक्षा की गई। जिला कलेक्टर ने कृषि उपज मंडी के प्रथम प्रवेश द्वार को रात 9 बजे से 10 बजे तक ही बंद रखने के निर्देश दिए, ताकि यातायात प्रभावित न हो।
इसके अलावा नगर परिषद को पिपराली सर्किल स्थित मंदिर के पास लगे सरस डेयरी बूथ को हटाने तथा शहर के 10 प्रमुख स्थानों पर ट्रैफिक लाइट लगाने के निर्देश दिए गए।
भ्रामक होर्डिंग हटाने और स्कूल बस चालकों के आई चेकअप के निर्देश
बैठक में सड़क किनारे लगे भ्रामक पोस्टर और अवैध होर्डिंग हटाने का निर्णय लिया गया। जिला कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को यातायात में बाधा उत्पन्न करने वाली प्रचार सामग्री के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
उन्होंने शिक्षा विभाग को निर्देशित किया कि जिले के सभी निजी विद्यालयों में संचालित बसों के चालकों का अगली बैठक से पहले नेत्र परीक्षण (आई चेकअप) कराया जाए। साथ ही पीएम राहत योजना के तहत आवेदन करने वाले लाभार्थियों का पूरा विवरण तैयार करने के भी निर्देश दिए।
ब्लैक स्पॉट पर जल्द होंगे सुधारात्मक कार्य
बैठक में जिले के दुर्घटना संभावित क्षेत्रों और ब्लैक स्पॉट की समीक्षा की गई। फतेहपुर-जयपुर मार्ग पर फतेहपुर बीहड़, घस्सू, रशीदपुरा, भढाडर से रामू का बास तिराहा, बाजौर, बावड़ी ठिकरिया और सरगोठ सहित अन्य स्थानों पर बार-बार होने वाली सड़क दुर्घटनाओं पर चर्चा हुई।
जिला कलेक्टर ने संबंधित विभागों को इन स्थानों पर आवश्यक सुरक्षा उपाय और सुधारात्मक कार्य शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए, ताकि सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाई जा सके।
108 एंबुलेंस और ट्रॉमा सेंटर की भी हुई समीक्षा
बैठक में अतिरिक्त जिला कलेक्टर डॉ. राकेश कुमार मीणा ने बताया कि 108 एंबुलेंस सेवा में कॉल करने पर लोकेशन ट्रैकिंग की सुविधा उपलब्ध है। उन्होंने ट्रॉमा सेंटरों के लिए उपलब्ध संसाधनों और फंड की समीक्षा करते हुए समय पर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए। साथ ही भरतपुर-रींगस मार्ग से संबंधित प्रस्ताव तैयार कर अग्रिम कार्रवाई करने को कहा।
बैठक में जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी राजपाल यादव, यूआईटी सचिव जे.पी. गौड़, जिला परिवहन अधिकारी ताराचंद बंजारा, अधीक्षण अभियंता रामावतार कुमावत, ट्रैफिक डीएसपी पूनम बरगड़ सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।






