स्कूलों की हेल्थ स्क्रीनिंग अब और सख्त, बच्चों की डायबिटीज जांच भी होगी अनिवार्य
सीकर।राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (आरबीएसके) के तहत सीकर जिले में बच्चों की स्वास्थ्य जांच व्यवस्था को और मजबूत किया गया है। अब सरकारी स्कूलों, मदरसों और आंगनबाड़ी केंद्रों में होने वाली स्वास्थ्य स्क्रीनिंग के दौरान सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी (सीएचओ) की उपस्थिति अनिवार्य होगी। इसका उद्देश्य बच्चों में गंभीर बीमारियों की समय रहते पहचान कर उनका उपचार सुनिश्चित करना है।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अशोक महरिया ने इस संबंध में जिले के सभी बीसीएमओ और सीएचओ को आवश्यक निर्देश जारी किए हैं।
जीवन रक्षक उपकरणों के साथ पहुंचेगी स्वास्थ्य टीम
नए निर्देशों के अनुसार सीएचओ स्वास्थ्य जांच के दौरान अपने साथ आवश्यक जांच एवं जीवन रक्षक उपकरण लेकर जाएंगे। इनमें बीपी इंस्ट्रूमेंट, हीमोग्लोबिन मीटर और ग्लूकोमीटर अनिवार्य रूप से शामिल होंगे।
इन उपकरणों की सहायता से बच्चों की मौके पर ही प्राथमिक स्वास्थ्य जांच की जा सकेगी और आवश्यकता पड़ने पर उन्हें आगे के उपचार के लिए चिन्हित किया जाएगा।
डायबिटीज की भी होगी विशेष स्क्रीनिंग
आरबीएसके टीम अब बच्चों में टाइप-1 और टाइप-2 डायबिटीज के संभावित लक्षणों की भी विशेष जांच करेगी। यदि कोई बच्चा डायबिटीज से प्रभावित पाया जाता है, तो उसे एनसीडी (नॉन कम्युनिकेबल डिजीज) कार्यक्रम में पंजीकृत किया जाएगा।
इसके बाद संबंधित बच्चे का नियमित फॉलोअप किया जाएगा और उसे सरकारी व्यवस्था के तहत निःशुल्क उपचार उपलब्ध कराया जाएगा।






