सीकर जिले के स्वास्थ्य विभाग को राष्ट्रीय स्तर पर बड़ी उपलब्धि मिली है। आयुष्मान आरोग्य मंदिर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) सांगरवा और झीगर छोटी ने राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन कार्यक्रम (एनक्यूएएस) के तहत उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए राष्ट्रीय प्रमाणन हासिल किया है। दोनों संस्थानों को अगले तीन वर्षों तक प्रतिवर्ष तीन-तीन लाख रुपये का प्रोत्साहन (इंसेंटिव) भी मिलेगा।

चिकित्सा विभाग के निदेशालय द्वारा घोषित परिणामों में पीएचसी सांगरवा ने 91.11 प्रतिशत और पीएचसी झीगर छोटी ने 91.71 प्रतिशत अंक प्राप्त किए।

गुणवत्ता सुधार के प्रयासों का मिला परिणाम

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अशोक महरिया तथा अतिरिक्त मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. हर्षल चौधरी के निर्देशन में जिला क्वालिटी सेल ने चिकित्सा संस्थानों में गुणवत्ता सुधार के लिए लगातार निरीक्षण और प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित किए।

जिला क्वालिटी सेल की डॉ. सावित्री भामू, नर्सिंग ऑफिसर नरेश लमोरिया तथा अन्य अधिकारियों ने दोनों पीएचसी का नियमित निरीक्षण कर स्टाफ को एनक्यूएएस मानकों के अनुरूप कार्य करने का प्रशिक्षण दिया।

मरीजों की सुविधाओं पर होगा खर्च

राष्ट्रीय गुणवत्ता प्रमाणन मिलने के बाद दोनों पीएचसी को तीन वर्षों तक प्रतिवर्ष तीन-तीन लाख रुपये का इंसेंटिव मिलेगा। विभाग के अनुसार इस राशि का उपयोग अस्पतालों में मरीजों के लिए स्वास्थ्य सुविधाओं, सेवाओं और आधारभूत व्यवस्थाओं को और बेहतर बनाने में किया जाएगा।

सीकर के 39 चिकित्सा संस्थान हो चुके हैं प्रमाणित

स्वास्थ्य विभाग के अनुसार इन दोनों संस्थानों के प्रमाणित होने के साथ ही जिले में अब तक 39 चिकित्सा संस्थान राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन कार्यक्रम के तहत प्रमाणित हो चुके हैं। इनमें 18 आयुष्मान आरोग्य मंदिर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र शामिल हैं, जो जिले की स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में लगातार सुधार का संकेत है।

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