राज्य सरकार के ग्रामीण सेवा शिविर-2026 के तहत सीकर ग्रामीण तहसील की ग्राम पंचायत बिडोली में आयोजित शिविर में वर्षों से लंबित एक राजस्व विवाद का मौके पर ही समाधान कर दिया गया। अनुसूचित जाति वर्ग के एक परिवार के 42 सहखातेदारों ने आपसी सहमति से 18.65 हेक्टेयर कृषि भूमि का विभाजन कर तीन पीढ़ियों से चले आ रहे विवाद का शांतिपूर्ण अंत कर दिया।
परिवार के लगभग 90 वर्षीय बुजुर्ग से लेकर 22 वर्षीय युवा, बहू-बेटियों सहित सभी सहखातेदारों ने आपसी विश्वास और सौहार्द का परिचय देते हुए बिना किसी विवाद के भूमि विभाजन को स्वीकार किया।
प्रशासन की समझाइश से बनी सहमति
उपखंड अधिकारी राहुल मल्होत्रा के निर्देशन में भू-अभिलेख निरीक्षक राजवीर सिंह बुडानिया और पटवारी सुनील कुमार शर्मा ने सभी सहखातेदारों से विस्तार से संवाद किया। अधिकारियों ने उनकी शंकाओं का समाधान करते हुए लगातार समझाइश की, जिसके बाद सभी पक्ष विभाजन पर सहमत हो गए।
सहमति बनने के बाद विभाजन प्रस्ताव तैयार किया गया और तहसीलदार भीमसेन सैनी ने शिविर में ही इसे स्वीकार करते हुए आवश्यक राजस्व प्रक्रिया शुरू कर दी।
तीन पीढ़ियों की समस्या का हुआ समाधान
भूमि विभाजन पूरा होने के बाद परिवार के सदस्यों ने राज्य सरकार और राजस्व प्रशासन का आभार व्यक्त किया। उनका कहना था कि ग्रामीण सेवा शिविर के माध्यम से वर्षों से चली आ रही पारिवारिक और राजस्व संबंधी समस्या का स्थायी समाधान संभव हो पाया।
अधिकारियों के अनुसार यह प्रकरण प्रशासन और आमजन के बीच बेहतर समन्वय, संवाद और विश्वास का उत्कृष्ट उदाहरण है, जिससे बिना न्यायालयी विवाद के राजस्व मामलों का समाधान किया जा सकता है।






