सीकर, स्कूली बच्चों की सुरक्षित परिवहन व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए सीकर जिले में बाल वाहिनी वाहनों की सघन जांच अभियान चलाया जाएगा। मंगलवार को पुलिस लाइन स्थित पुलिस अन्वेषण भवन में आयोजित बाल वाहिनी योजना समिति की समीक्षा बैठक में यह निर्णय लिया गया। बैठक की अध्यक्षता समिति के अध्यक्ष एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉ. तेजपाल सिंह ने की।
बैठक में नगर विकास न्यास के सचिव जगदीश प्रसाद गौड़, जिला परिवहन अधिकारी ताराचंद, सहायक जनसंपर्क अधिकारी राकेश कुमार सहित संबंधित विभागों के अधिकारी एवं समिति के सदस्य मौजूद रहे।
स्कूल बसों की गति 60 किमी प्रति घंटा तक सीमित
बैठक में तय किया गया कि स्कूल बसों की अधिकतम गति 60 किलोमीटर प्रति घंटा होगी। स्पीड गवर्नर और गति सीमा का नियमित परीक्षण किया जाएगा।
जिले के 28 थाना क्षेत्रों में प्रत्येक थाना क्षेत्र से दो-दो विद्यालयों का चयन कर बाल वाहिनी वाहनों के दस्तावेज, फिटनेस और सुरक्षा मानकों की विशेष जांच कराई जाएगी।
अनधिकृत वाहनों और ओवरलोडिंग पर विशेष अभियान
समिति ने स्कूली बच्चों के परिवहन में उपयोग हो रहे अनधिकृत निजी वैन एवं अन्य वाहनों के खिलाफ विशेष अभियान चलाने का निर्णय लिया। ऐसे वाहनों को जब्त कर नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
इसके अलावा क्षमता से अधिक बच्चों को बैठाने वाले ऑटो तथा यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहनों के खिलाफ शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में भी विशेष अभियान चलाया जाएगा।
सीसीटीवी, जीपीएस और महिला अटेंडेंट पर जोर
बैठक में अगस्त माह के दौरान बाल वाहिनी चालकों के लिए थाना क्षेत्रवार विशेष नेत्र जांच शिविर आयोजित करने का भी निर्णय लिया गया।
साथ ही बड़ी स्कूल बसों में सीसीटीवी कैमरे और जीपीएस ट्रैकिंग सिस्टम कार्यशील रखना अनिवार्य होगा। छोटे बच्चों और छात्राओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए बाल वाहिनी वाहनों, विशेषकर बसों में महिला अटेंडेंट या केयरटेकर की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
एलपीजी सिलेंडर के अवैध उपयोग पर भी होगी कार्रवाई
समिति ने सभी बाल वाहिनी वाहनों में फर्स्ट एड बॉक्स और अग्निशमन यंत्र कार्यशील रखने के निर्देश दिए। प्रत्येक वाहन के पीछे परिवहन विभाग या संबंधित थाना एवं यातायात पुलिस का हेल्पलाइन नंबर स्पष्ट रूप से अंकित किया जाएगा।
इसके अलावा स्कूली बच्चों के परिवहन में प्रयुक्त निजी छोटे वाहनों में घरेलू एलपीजी गैस सिलेंडर के अवैध उपयोग की सघन जांच कर कठोर कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए गए। बैठक में सड़क सुरक्षा को मजबूत करने के लिए ब्लैक स्पॉट्स का रोड सेफ्टी ऑडिट तथा भारी वाहनों के प्रवेश नियंत्रण पर भी जोर दिया गया।






