सीकर नगर विकास न्यास (यूआईटी) ने अवैध कॉलोनियों के खिलाफ कार्रवाई तेज करते हुए अपने क्षेत्राधिकार में 35 अवैध रूप से विकसित कॉलोनियों के विकासकर्ताओं एवं खातेदारों को नोटिस जारी किए हैं। यह कार्रवाई राजस्थान भू-राजस्व अधिनियम, 1956 की धारा 90-ए एवं 91 के तहत की गई है।
यूआईटी ने स्पष्ट किया है कि बिना वैधानिक स्वीकृति के कृषि भूमि का गैर-कृषि उपयोग कर कॉलोनियां विकसित करने वालों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई जारी रहेगी।
अवैध कॉलोनियों पर सख्त कार्रवाई
यूआईटी सचिव जगदीश प्रसाद गौड़ ने बताया कि सक्षम प्राधिकारी की स्वीकृति के बिना कृषि भूमि पर कॉलोनियां विकसित करना नियमों का उल्लंघन है। ऐसे मामलों में संबंधित विकासकर्ताओं और खातेदारों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है।
उन्होंने कहा कि अवैध कॉलोनियों के माध्यम से लोगों को भूखंड बेचने वाले भू-माफियाओं पर प्रभावी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
भूखंड खरीदने से पहले करें यह जांच
यूआईटी सचिव ने आमजन से अपील की कि किसी भी कॉलोनी में भूखंड खरीदने से पहले यह अवश्य सुनिश्चित करें कि संबंधित कॉलोनी को राजस्थान भू-राजस्व अधिनियम, 1956 की धारा 90-ए के तहत विधिवत रूपांतरण एवं स्वीकृति प्राप्त है।
उन्होंने कहा कि केवल स्वीकृत कॉलोनियों में ही भूखंड खरीदें, ताकि भविष्य में किसी प्रकार की कानूनी या आर्थिक परेशानी का सामना न करना पड़े।






