सीकर, जिला साक्षरता एवं सतत शिक्षा अधिकारी डॉ. चन्द्र प्रकाश महर्षि की अध्यक्षता में गुरुवार को जिला कलेक्टर सभागार में ब्लॉक समन्वयक (साक्षरता) की मासिक बैठक आयोजित की गई। बैठक में समस्त ब्लॉक समन्वयकों को उल्लास साक्षरता कार्यक्रम को जन-जागृति का सामाजिक आंदोलन बनाकर शिक्षा का संदेश अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने के निर्देश दिए गए।
उल्लास सामाजिक बदलाव का अभियान : डॉ. महर्षि
बैठक में डॉ. महर्षि ने कहा कि उल्लास केवल साक्षरता कार्यक्रम नहीं, बल्कि समाज में शिक्षा और जागरूकता का व्यापक अभियान है। इसका उद्देश्य निरक्षर लोगों को साक्षर बनाकर उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ना और शिक्षा के माध्यम से आत्मनिर्भर बनाना है।
सीकर ने लक्ष्य प्राप्ति में हासिल किया पहला स्थान
सहायक परियोजना अधिकारी राजेन्द्र महला ने बताया कि राजस्थान में प्रत्येक जिले को दिए गए लर्नर्स लक्ष्य की प्राप्ति में सीकर जिला प्रथम स्थान पर है। उन्होंने कहा कि अब गांव-गांव में डिजिटल शिक्षा के साथ-साथ वित्तीय साक्षरता, स्वास्थ्य जागरूकता, मतदाता जागरूकता तथा नागरिकों के अधिकारों और कर्तव्यों से संबंधित जानकारी भी दी जाएगी।
उन्होंने बताया कि यह कार्यक्रम 15 वर्ष या उससे अधिक आयु के उन लोगों के लिए संचालित किया जा रहा है, जो किसी कारणवश औपचारिक शिक्षा से वंचित रह गए हैं। अभियान का संचालन स्वयंसेवकों और सर्वेयर शिक्षकों के माध्यम से किया जा रहा है।
कार्ययोजना और संसाधनों की समीक्षा
बैठक में सूचना सहायक मुकेश कुमार ने डाटा सर्वे से संबंधित कार्ययोजना की जानकारी दी। भारत सैन ने महात्मा गांधी पुस्तकालय एवं वाचनालयों में उपलब्ध संसाधनों के अधिकतम उपयोग पर बल दिया, जबकि दिनेश सैनी ने आय-व्यय सूचीकरण एवं प्रलेखीकरण की कार्ययोजना प्रस्तुत की।
बैठक में जिले के सभी मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी, ब्लॉक समन्वयक (साक्षरता) तथा संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।






