2019 के मामले को रफा-दफा करने के बदले मांगे थे पैसे, पहली किश्त लेते ही एसीबी ने दबोचा
चूरू में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने मंगलवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए कृषि उपज मंडी समिति के सचिव विकेंद्र कुमार और सुपरवाइजर कमल कुमार को 10 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया। कार्रवाई के बाद मंडी परिसर में हड़कंप मच गया।
एसीबी ने रिश्वत की राशि बरामद कर दोनों आरोपियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
एसीबी के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक महावीर प्रसाद शर्मा के अनुसार, एक थोक व्यापारी को वर्ष 2019 से जुड़े लेखा और रोकड़ संबंधी मामले में नोटिस जारी किया गया था। व्यापारी ने शिकायत की कि कार्रवाई को फाइल में दबाकर मामला रफा-दफा करने के बदले मंडी सचिव और सुपरवाइजर रिश्वत की मांग कर रहे थे।शिकायत मिलने के बाद एसीबी ने मामले का सत्यापन कराया। जांच के दौरान आरोपियों द्वारा कुल 20 हजार रुपये रिश्वत मांगने की पुष्टि हुई। इसके बाद एसीबी ने योजनाबद्ध तरीके से ट्रैप की तैयारी की।मंगलवार को व्यापारी ने आरोपियों को रिश्वत की पहली किस्त के रूप में 10 हजार रुपये सौंपे।
जैसे ही दोनों आरोपियों ने राशि स्वीकार की, पहले से तैनात एसीबी टीम ने उन्हें मौके पर ही रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया।कार्रवाई के दौरान रिश्वत की रकम भी बरामद कर ली गई। एसीबी अधिकारियों ने बताया कि दोनों आरोपियों से पूछताछ जारी है और मामले से जुड़े अन्य तथ्यों की भी जांच की जा रही है। एसीबी ने दोनों आरोपियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज कर लिया है। जांच एजेंसी अब यह भी पता लगाएगी कि रिश्वत मांगने और लेने के मामले में कोई अन्य व्यक्ति भी शामिल था या नहीं।






