दस्तावेज नहीं देने और धमकी देने का भी आरोप
चूरू जिले के रतनगढ़ कस्बे में संचालित एक निजी अस्पताल के खिलाफ नवजात की मौत को लेकर परिजनों ने गंभीर आरोप लगाए हैं। परिजनों का आरोप है कि अस्पताल में कथित रूप से गलत दवाइयां और इंजेक्शन दिए जाने के कारण नवजात की मौत हो गई। मामले में पुलिस ने शिकायत दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पुलिस के अनुसार, भरपालसर निवासी 40 वर्षीय लालचंद पुत्र बालूराम मेघवाल ने रिपोर्ट दर्ज कराई कि 27 जुलाई को उनकी भतीजी पूजा को प्रसव के लिए रतनगढ़ स्थित एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था।शिकायत में आरोप लगाया गया है कि अस्पताल में कार्यरत मोनिका और ज्योति नामक कर्मचारियों ने जांच के बाद सोनोग्राफी कराने के लिए भेजा।
परिजनों का कहना है कि सोनोग्राफी के बाद उन्हें बताया गया कि सामान्य प्रसव कराया जाएगा और बाद में अस्पताल लौटने के लिए कहा गया।रिपोर्ट के अनुसार, शाम को प्रसव पीड़ा होने पर पूजा को दोबारा अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां सामान्य प्रसव हुआ और एक पुत्र का जन्म हुआ।परिजनों ने आरोप लगाया कि जन्म के बाद नवजात को तीन-चार इंजेक्शन और कुछ दवाइयां दी गईं। जब उन्होंने डॉक्टर को बुलाने की बात कही तो अस्पताल कर्मियों ने बच्चे की तबीयत खराब होने की बात कहते हुए एम्बुलेंस बुलाने को कहा।शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि जब परिजनों ने उपचार संबंधी दस्तावेज और रेफरल कार्ड मांगा तो अस्पताल कर्मियों ने पहले प्रसव का शुल्क जमा कराने की बात कही।
परिजनों का आरोप है कि उन्हें रेफरल कार्ड नहीं दिया गया और कुछ देर बाद नवजात की मौत हो गई।रिपोर्ट में यह भी आरोप लगाया गया है कि घटना पर आपत्ति जताने पर अस्पताल कर्मियों ने उन्हें कार्रवाई की धमकी दी। पुलिस ने बताया कि मामले में मर्ग दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। अधिकारियों का कहना है कि शिकायत में लगाए गए आरोपों की जांच की जा रही है और जांच के निष्कर्ष के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। चूरू से सुभाष प्रजापत की रिपोर्ट






