पुलिस की तत्परता से ठगी गई 1.95 लाख रुपए की राशि वापस
रतनगढ़। सरकारी योजना के नाम पर साइबर ठगी का एक मामला सामने आया है। एक व्यक्ति ने खुद को नायब तहसीलदार बताकर महिला से 1 लाख 95 हजार 940 रुपए ठग लिए।
हालांकि रतनगढ़ साइबर पुलिस की तत्परता से महिला की पूरी राशि वापस दिला दी गई।
शौचालय योजना के नाम पर किया फ्रॉड
घटना की जानकारी देते हुए सीआई गौरव खिड़िया ने बताया कि अनुसूईया पत्नी जयप्रकाश, निवासी सुलखणिया तहसील राजगढ़ और वर्तमान में लधासर में रहने वाली, ने ऑनलाइन साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत दर्ज करवाई थी।
महिला ने बताया कि उसे एक फोन आया, जिसमें कॉल करने वाले व्यक्ति ने खुद को नायब तहसीलदार बताया।
उसने कहा कि सरकारी शौचालय योजना का फंड महिला के खाते में डाला जा रहा है।
फेक मैसेज भेजकर पैसे लौटाने को कहा
महिला ने बताया कि जब उसने निजी खाते में पैसे लेने से इनकार किया तो आरोपी ने मोबाइल पर फर्जी जमा राशि का मैसेज भेज दिया।
इसके बाद आरोपी ने कहा कि गलती से अधिक राशि भेज दी गई है और उसे वापस करना होगा।
आरोपी के कहने पर महिला ने अलग-अलग खातों में कुल 1,95,940 रुपए ट्रांसफर कर दिए।
साइबर पुलिस की तत्परता से मिली राहत
महिला की शिकायत मिलने के बाद रतनगढ़ साइबर पुलिस टीम ने तुरंत कार्रवाई शुरू की।
टीम में शामिल कांस्टेबल मुकेश और महेंद्र ने आरोपी के खातों की जानकारी जुटाकर कार्रवाई की और महिला की पूरी राशि उसके खाते में वापस करवा दी।
लोगों को दी सावधानी बरतने की सलाह
पुलिस ने इस घटना के बाद लोगों को सचेत करते हुए कहा कि किसी भी सरकारी योजना या फंड के नाम पर पैसे भेजने से पहले आधिकारिक पुष्टि जरूर करें।
साथ ही किसी भी संदिग्ध कॉल या मैसेज मिलने पर तुरंत साइबर क्राइम पोर्टल या नजदीकी पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराएं।
शेखावाटी लाइव के लिए रतनगढ़ से सुभाष प्रजापत की रिपोर्ट
