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यह रिश्ता क्या कहलाता है- चूरू जिला और सीबीआई जांच

चूरू जिला और सीबीआई जांच का रहा है पुराना संबंध

राजगढ़ के एसएचओ विष्णुदत्त विश्नोई आत्महत्या के मामले में सीबीआई जांच को अनुमति

इससे पूर्व चुरू जिले के कुख्यात बदमाश दारासिंह उर्फ दारिया एनकाउंटर व गैंगेस्टर आनंदपाल सिंह का एनकाउंटर जिले के मालसर में हुआ था इन मामलों में भी हुई थी सीबीआई जांच

झुंझुनू, गुरुवार को प्रदेश के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने विश्नोई समाज की भावनाओं एवं प्रदेश के लोगों की इच्छा को ध्यान में रखते हुए सी आई विष्णुदत्त विश्नोई के आत्महत्या के मामले की जांच सीबीआई से करवाने की अनुमति देने की बात ट्वीट कर बताइए । चूरू जिले की राजगढ़ थाने के सीआई विष्णुदत्त विश्नोई प्रदेश के एक बेहतरीन इमानदार पुलिस अफसर माने जाते थे 23 मई को सरकारी क्वार्टर में उनकी आत्महत्या करने की बात जब सामने आई तो राजगढ़ के लोगों में आक्रोश फैल गया धीरे-धीरे यह आक्रोश बढ़ता गया और जन भावनाओं को ध्यान में रखते हुए मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने सीबीआई जांच कराने की अनुमति प्रदान की है । वही हम आपको बता दें कि चूरु जिले का सीबीआई जांच से एक पुराना संबंध रहा है दारा सिंह उर्फ दारिया जो अपने समय का कुख्यात बदमाश था 23 अक्टूबर 2006 को जयपुर में पुलिस मुठभेड़ में दारासिंह उर्फ दारिया की मौत होने की खबर आई थी । इस दारासिंह उर्फ दारिया पर लगभग 50 मामले शराब तस्करी, अवैध वसूली, किडनैपिंग, हत्या और लूट के दर्ज थे यह राजस्थान पुलिस के लिए एक सिरदर्द बन गया था । परिजनों ने इसके एनकाउंटर पर भी सवाल खड़े किए थे इस मामले में 15 पुलिस अधिकारियों व कर्मचारियों सहित 16 आरोपियों को बरी किया गया था । आरोपियों में भाजपा नेता राजेंद्र राठौड़, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक एके जैन और पुलिस अधीक्षक पौन्नुचामी सहित आधा दर्जन पुलिस अधिकारियों को सीबीआई जांच में दोषी माना गया था । इस मामले में राठौड़ 51 दिन बाद जेल से रिहा हुए थे । ऐसा ही एक दूसरा मामला है कुख्यात गैंगस्टर आनंदपाल के एनकाउंटर का जो कि चूरू जिले के मालसर में 2 017 में हुआ था इस एनकाउंटर को भी लेकर काफी बवाल मचा था और इसकी जांच भी सीबीआई को सौंपी गई थी ।एनकाउंटर का सीन रीक्रिएट किया गया था सीबीआई जांच का नेतृत्व डीएसपी सुनील सिंह रावत कर रहे थे । पत्नी, परिजनों और वकील ने रीक्रिएशन सीन पर भी सवाल उठाए थे । सीबीआई ने तीन मामलों पर एफ आई आर दर्ज की थी एक तो इनकाउंटर दूसरा विरोध सभा में सुरेंद्र सिंह की मौत तथा सांवराद के विरोध सभा में 13 जुलाई को हुए उपद्रव में राजपूत नेताओं पर दर्ज मामलों की जांच ।इस प्रकार विश्लेषण से स्पष्ट है कि चूरु जिले का सीबीआई जांच से पहले से एक संबंध रहा है । वहीं वर्तमान में सीआई विष्णुदत्त विश्नोई की आत्महत्या के मामले की जांच सीबीआई से करवाने को लेकर लोगों ने सोशल मीडिया पर भी जबरदस्त कैंपेन चलाया था । पूरे देश में लोगों को इसका समर्थन मिला था इसी जन भावनाओं को ध्यान में रखते हुए कल गुरुवार को प्रदेश के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने सीबीआई जांच को अनुमति दे दी है।

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