सीकर, 10 मार्च। ई-नाम प्लेटफॉर्म के माध्यम से कृषि उपज बेचने वाले किसानों को प्रोत्साहित करने के लिए शुरू की गई कृषक उपहार योजना के तहत सीकर में लॉटरी का आयोजन 12 मार्च 2026 को किया जाएगा। यह लॉटरी सुबह 11 बजे कृषि उपज मंडी समिति, सीकर के सभागार में डिजिटल माध्यम से निकाली जाएगी।
ई-नाम से जुड़ने वाले किसानों को मिलेगा लाभ
संयुक्त निदेशक कृषि विपणन करण सिंह ने बताया कि राज्य में राजस्थान कृषि उपज विपणन अधिनियम 1961 की धारा 34-ए के तहत यह योजना लागू की गई है। इस योजना का उद्देश्य ई-नाम पोर्टल के जरिए कृषि उपज का विक्रय और ई-भुगतान को बढ़ावा देना है ताकि किसानों को पारदर्शी और तेज भुगतान मिल सके।
1 जुलाई से 31 दिसंबर 2025 तक के कूपन शामिल
अधिकारियों के अनुसार, 1 जुलाई से 31 दिसंबर 2025 के बीच ई-नाम पोर्टल पर खंड स्तर पर जारी किए गए कूपनों को लॉटरी में शामिल किया जाएगा। यह प्रक्रिया खंड स्तर पर गठित समिति की उपस्थिति में पूरी पारदर्शिता के साथ कराई जाएगी।
मंडी समिति सभागार में होगा आयोजन
लॉटरी कार्यक्रम कृषि उपज मंडी समिति, सीकर के सभागार में आयोजित होगा। इस दौरान मंडी सचिव, व्यापार संघ प्रतिनिधि, किसान संघ प्रतिनिधि और किसान मौजूद रहेंगे, जिनके सामने सार्वजनिक रूप से लॉटरी निकाली जाएगी। विजेताओं को मिलेंगे नकद पुरस्कार
योजना के तहत विजेता किसानों को नकद पुरस्कार दिए जाएंगे –
- प्रथम पुरस्कार: ₹50,000
- द्वितीय पुरस्कार: ₹30,000
- तृतीय पुरस्कार: ₹20,000
अधिकारियों के मुताबिक यह योजना किसानों को डिजिटल मंडी प्रणाली से जोड़ने और ई-नाम के उपयोग को बढ़ाने में मदद करेगी।
12 मार्च 2026 को सुबह 11 बजे सीकर कृषि उपज मंडी समिति में लॉटरी निकाली जाएगी।
वे किसान जिन्होंने 1 जुलाई से 31 दिसंबर 2025 के बीच ई-नाम पोर्टल के माध्यम से अपनी कृषि उपज बेची है।
योजना के तहत प्रथम पुरस्कार ₹50,000, द्वितीय ₹30,000 और तृतीय ₹20,000 दिया जाएगा।
लॉटरी कृषि उपज मंडी समिति, सीकर के सभागार में आयोजित होगी।
