Hindi News / Agriculture News (कृषि समाचार) / Rajasthan New Project: राजस्थान को आज मिलेगी 647.42 करोड़ की परियोजना की सौगात, CM भजनलाल के प्रयास से कृषि क्षेत्र में होगा नई ऊर्जा का संचार

,

Rajasthan New Project: राजस्थान को आज मिलेगी 647.42 करोड़ की परियोजना की सौगात, CM भजनलाल के प्रयास से कृषि क्षेत्र में होगा नई ऊर्जा का संचार

Rjasthan New Project : राजस्थान के लोगों को आज बड़ी सौगात मिलने वाली है। बता दे कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा आज यानी शुक्रवार को श्रीगंगानगर और फलौदी के दौरे पर रहेंगे. हां वे कुल 647.62 करोड़ रुपये की लागत से होने वाले पुनर्निर्माण का शिलान्यास करेंगे.

आज राजस्थान CM के दौरे का पूरा शेडूअल

बता दे कि आज राजस्थान कम पूरा दिन राजस्थान के कई जिलों में यात्रा करने वाले है।

सीएम सुबह 11:30 बजे जयपुर एयरपोर्ट से निकलेंगे और दोपहर 12:20 बजे सूरतगढ़ एयरपोर्ट पहुंचेंगे.

दोपहर 12:50 बजे साधुवाली हेलीपैड से गाजर मंडी पहुंचेंगे.

दोपहर 1 बजे गंगनहर शताब्दी समारोह में शामिल होंगे. यहां वे कुल 647.62 करोड़ रुपये की लागत से होने वाले पुनर्निर्माण का शिलान्यास करेंगे.

CM दोपहर 2:25 बजे साधुवाली हेलीपैड पहुंचेंगे और सूरतगढ़ एयरपोर्ट के लिए रवाना होंगे.

दोपहर 2:55 बजे फलोदी के लिए रवाना होंगे और ढेलाना में आयोजित स्थानीय कार्यक्रम में शामिल होंगे.

मुख्यमंत्री शाम 6 बजे फलोदी एयरपोर्ट पहुंचेंगे और जयपुर के लिए रवाना होंगे

647.62 करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट से बदलेगी राजस्थान कि किस्मत

अधिक जानकारी के लिए बता दे कि किसानों के लिए यह प्रोजेक्ट बड़ा महत्वपूर्ण होने वाला है। यह प्रोजेक्ट कुल 647.62 करोड़ रुपये की लागत से पूरा होगा जिसमें राजस्थान और पंजाब का हिस्सा होगा. इस प्रोजेक्ट से करीब तीन लाख चौदह हजार हेक्टेयर क्षेत्र को पानी मिलेगा और फसल उत्पादन बढ़ेगा.

सिंचाई सिस्टम के साथ होंगें ये काम

जानकारी के लिए बता दे कि रिकंस्ट्रक्शन के काम में RD जीरो से 168 पॉइंट 23 जीरो तक CC लाइनिंग शामिल है. इसके तहत दो हेड रेगुलेटर को फिर से बनाया जाएगा.

इसके साथ ही एक हेड रेगुलेटर को भी फिर से बनाया जाएगा। एक क्रॉस रेगुलेटर को फिर से बनाया जाएगा. उन्नीस ओवरसी और DRC को फिर से बनाया जाएगा.

इसके साथ ही तीन रेलवे ओवरब्रिज को भी फिर से बनाने का काम किया जाएगा. हरिके बैराज से आने वाला ज़्यादा पानी अब फिरोजपुर फीडर में लाया जाएगा, जिससे नहर में पानी की उपलब्धता में काफ़ी सुधार होगा.