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सीकर में किसान मेला एवं गोष्ठी का आयोजन

जिला कलेक्टर नरेश कुमार ठकराल ने कहा है कि खेती व पशुपालन एक दूसरे के पूरक है। उन्होंनेे कहा है कि किसान परम्परागत खेती की और रूझान बढा़कर जैविक खाद का प्रयोग कर बीज को पहले उपचारित कर खेती का कार्य करें । वे बुधवार को जिला प्रशासान, कृषि विभाग एवं कृषि प्रौद्योगिकी प्रबन्ध अभिकरण (आत्मा) की ओर से आयोजित किसान मेला एवं गोष्ठी में मुख्य अतिथि के रूप में बाल रहे थे । उन्होंने कहा कि किसान मेले में कृषि ज्ञान के सम्बन्ध में जो चर्चाएं होती है उसे किसान एक दूसरे से साझा करें। जिले में कृषि कार्य बारिश एवं भू-जल के स्तर पर निर्भर है। उन्होंने किसानों से ड्रीप, फव्वारा सिंचाई पद्धति को अपनाने के साथ ही कृषि में नवीनतम तकनीकी विधियों को अपनाने की सलाह दी ताकि कम लागत में अधिक उपज का लाभ लिया जा सके उन्होंने कहा कि आधुनिक कृषि कार्य में इजरायल की तकनीकी खेती को किसान अपने यहां पर भी प्रयोग में लावें। उन्होंने राज्य सरकार व कृषि विभाग द्वारा कृषकों को दी जा रही सुविधाओं का लाभ उठाने का आव्हान किया। राज्य सरकार द्वारा कृषि की उन्नत तकनीक अपनाने व उत्पादन एवं उत्पादकता में वृद्धि कर कृषकों की आमदनी बढाने के लिए केन्द्र व राज्य की अनेक योजनाओं का क्रियान्वयन किया जा रहा है। राज्य सैनिक कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष एवं नीमकाथाना विधायक प्रेमसिंह बाजौर ने किसान गोष्ठी में कहा कि धरती पर जल सीमित मात्रा में है। किसान कृषि कार्य में फव्वारा  सिंचाई प्रद्धति को काम में लेवेंे ताकि कम पानी में अधिक पैदावार का लाभ ले सकेंगे। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे सीकर विधायक रतल लाल जलधारी ने कहा कि किसान अन्नदाता है। वह धूप-बरसात के मौसम में कृषि कार्य कर हमारे लिए अन्न उपजाता है।  उन्होंने किसानों से किसान मेले में उन्नत बीज खाद, कृषि यंत्रों के सम्बन्ध में दी जा रही जानकारियों से लाभान्वित होने की बात कही। किसान गोष्ठी को नाबार्ड के प्रबन्धक एच.पी.चन्देल,  पूर्व संयुक्त निदेशक कृषि नारायण सिंह राठौड़ प्रो.जी.डी. सिंह पूर्व निदेशक प्रसार(शिक्षा) कृषि विभाग बीकानेर, भागीरथ सबल सहायक निदेशक कृषि ने सम्बोधित कर किसानों को गुणवत्ता पूर्ण खाद, बीज का प्रयोग करने एवं कृषि की नवीनतम तकनीकी पद्धतियों को अपनाने, कृषि को कीटों से बचाव करने के सम्बन्ध में उपयोगी जानकारी दी, गोष्ठी में आत्मा परियोजना के सहायक निदेशक प्रहलाद कुमार सैनी ने कहा कि जिले में आत्मा परियोजना वर्ष 2005 से चल रही है। किसानों को खाद बीज, कृषि यंत्रों के सम्बन्ध में व्याजक जानकारी दी जा रही है।  किसानों को कृषि के सम्बन्ध में जानकारी देने के लिए गुजरात, अजमेर, कोटा का भ्रमण करवाया गया है। इससे पूर्व अतिथियों ने सभी स्टालों का अवलोकन कर किसानों को दी जा रही सुविधाओं की जानकारी प्राप्त की। गोष्ठी का शुभारम्भ सरस्वती के चित्र पर दीप प्रज्जवलन वह माल्यार्पण कर किया गया। अतिथियों का साफा, माल्यार्पण कर स्वागत किया गया। किसान मेले में 16 प्रगतिशील कृषकों को 10-10 हजार रूपये के चैक, प्रशस्ति पत्र व प्रतिक चिन्ह देकर सम्मनित किया गया। गोष्ठी में संयुक्त निदेशक(कृषि) के . के. पोटलिया, उपनिदेशक प्रमोद कुमार, सहायक निदेशक भगवान सहाय यादव, कृषि अधिकारी हरलाल सिंह बिजारणिया, उपनिदेशक हरदेव सिंह बाजिया, उपजिला प्रमुख शोभ सिंह अनोखू, जिला परिषद सदस्य जितेन्द्र कांरगा, विमला नेहरा, सरिता शर्मा, बजाज ट्रस्ट अपूर्व बजाज सहित कृषि  अधिकारी, प्रगतिशील कृषक बडी संख्या में उपस्थित रहे।

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