{"vars":{"id": "133489:5062"}}

Jhunjhunu News: 2.36 लाख बने उपभोक्ता हितों की आवाज

 

हर खरीद पर बिल लेने और उपभोक्ता अधिकारों को जीवन का हिस्सा बनाने का संकल्प

झुंझुनूं, जिले में उपभोक्ता जागरूकता की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल करते हुए
कंज्यूमर्स वॉइस न्यायोत्सव के तहत अब तक 2,36,286 नागरिक
उपभोक्ता हितों की आवाज बन चुके हैं।

यह नवाचार जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग के अध्यक्ष मनोज कुमार मील द्वारा शुरू किया गया है।

विद्यार्थियों की भागीदारी रही सबसे अधिक

आयोग अध्यक्ष मनोज कुमार मील ने बताया कि—
अब तक ऑनलाइन व ऑफलाइन माध्यम से 2,36,286 उपभोक्ताओं ने
उपभोक्ता अधिकारों की शपथ ली है।

इनमें शामिल हैं—

  • राजकीय विद्यालयों के 83,413 विद्यार्थी
  • निजी शिक्षण संस्थानों (विद्यालय, महाविद्यालय, विश्वविद्यालय) के
    1,17,899 विद्यार्थी

शिक्षक, अभिभावक और जागरूक नागरिक भी जुड़े

कंज्यूमर्स वॉइस न्यायोत्सव के अंतर्गत—

  • 18,410 शिक्षक
  • 13,955 अभिभावक
  • 2,609 जागरूक नागरिकों
    ने भी उपभोक्ता संरक्षण शपथ ली।

गौरतलब है कि राष्ट्रीय उपभोक्ता दिवस (24 दिसंबर) तक
1 लाख नागरिकों को जोड़ने का लक्ष्य रखा गया था,
जो समय से पहले ही दोगुने से अधिक पूरा हो गया।

हर खरीद पर बिल लेने की अपील

शनिवार को आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में आयोग अध्यक्ष मील ने कहा—

हर खरीद पर बिल लेना केवल अधिकार नहीं, बल्कि देश के विकास में योगदान है।
इससे टैक्स चोरी रुकेगी और विकसित भारत का संकल्प साकार होगा।

उन्होंने उपभोक्ता अधिकारों को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने की अपील की।

24 दिसंबर तक जारी रहेगा अभियान

कंज्यूमर्स वॉइस न्यायोत्सव
24 दिसंबर (राष्ट्रीय उपभोक्ता दिवस) तक
जिलेभर में जागरूकता कार्यक्रमों के साथ जारी रहेगा।

सांयकालीन कोर्ट के लिए प्रस्ताव भेजा

आयोग अध्यक्ष मील ने बताया कि—
उपभोक्ताओं को त्वरित न्याय दिलाने के लिए
सांयकालीन उपभोक्ता कोर्ट शुरू करने का प्रस्ताव
राज्य सरकार को भेजा जा चुका है

इससे जिले से बाहर रहने वाले उपभोक्ताओं को
लंबित प्रकरणों में बड़ी राहत मिलेगी।

अवकाश दिवस में भी लगती है ‘न्याय टेबल’

पिछले एक वर्ष से—
अवकाश के दिनों में भी ‘न्याय टेबल’ लगाकर
आपसी समझाइश से प्रकरणों का निस्तारण
लोक अदालत की भावना से किया जा रहा है।

उल्लेखनीय है कि झुंझुनूं जिला आयोग ने
राष्ट्रीय लोक अदालत में
राज्य में सर्वाधिक मामलों का निस्तारण किया है।

उपभोक्ता संरक्षण कानून: संक्षेप में

उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 1986

  • लागू: 24 दिसंबर 1986
  • उद्देश्य: सस्ता, सरल और त्वरित न्याय
  • त्रिस्तरीय व्यवस्था:
    जिला, राज्य और राष्ट्रीय आयोग

संशोधित अधिनियम, 2019

  • लागू: 20 जुलाई 2020
  • ई-कॉमर्स और डिजिटल धोखाधड़ी पर नियंत्रण
  • CCPA, Product Liability,
    भ्रामक विज्ञापनों पर कड़ा जुर्माना
  • ऑनलाइन शिकायत और वीडियो सुनवाई की सुविधा

निष्कर्ष

कंज्यूमर्स वॉइस न्यायोत्सव झुंझुनूं को
राजस्थान में उपभोक्ता जागरूकता का मॉडल जिला बना रहा है।
यह अभियान उपभोक्ताओं को सशक्त बनाकर
पारदर्शी और जिम्मेदार बाजार व्यवस्था की नींव मजबूत कर रहा है।