पेंशनर्स ध्यान दें: सत्यापन नहीं कराया? अब ऐसे चालू होगी पेंशन
सत्यापन नहीं हुआ तो घबराएं नहीं, पेंशन दोबारा शुरू हो सकती है
आपने पेंशन का वार्षिक सत्यापन नहीं कराया?
अगर आप पेंशन लाभार्थी हैं और किसी कारणवश वार्षिक भौतिक सत्यापन नहीं करा पाए, तो घबराने की जरूरत नहीं है।
सरकार ने ऐसे पेंशनर्स के लिए आगे की प्रक्रिया स्पष्ट कर रखी है, जिससे पेंशन दोबारा शुरू की जा सकती है।
सबसे पहले जान लें: क्या आपकी पेंशन रुकी है?
यदि जनवरी माह से आपकी पेंशन खाते में नहीं आई है, तो संभव है कि:
-
वार्षिक सत्यापन नहीं हुआ हो
-
ई-मित्र पर गलत विकल्प चुना गया हो
-
बैंक खाते में तकनीकी त्रुटि हो
अब पेंशन दोबारा शुरू कराने के लिए क्या करें?
तरीका 1: अभी भी ई-मित्र या मोबाइल ऐप से सत्यापन
अगर आपकी पेंशन स्थायी रूप से निरस्त नहीं हुई है, तो आप:
ई-मित्र / ई-मित्र प्लस केंद्र पर
-
फिंगरप्रिंट से सत्यापन करा सकते हैं
-
शुल्क: ₹50 (ई-मित्र), ₹10 (ई-मित्र प्लस)
मोबाइल से मुफ्त सत्यापन
-
ऐप: Rajasthan Social Pension and Aadhar Face RD
-
फेस रिकग्निशन से सत्यापन
-
कोई शुल्क नहीं
तरीका 2: अधिकारी के सामने व्यक्तिगत सत्यापन
अगर ऑनलाइन या ई-मित्र से सत्यापन नहीं हो पा रहा है, तो:
संबंधित उपखंड अधिकारी (SDO) या विकास अधिकारी (BDO) के कार्यालय जाएं।
अधिकारी SSP.Rajasthan.gov.in पोर्टल पर
-
PPO नंबर डालकर
-
मोबाइल OTP से
आपका भौतिक सत्यापन कर सकते हैं।
तरीका 3: दस्तावेज जांच के आधार पर सत्यापन
अगर तकनीकी कारणों से OTP या बायोमेट्रिक फेल हो जाए, तो:
-
PPO नंबर
-
जनआधार कार्ड
-
आधार कार्ड
के साथ कार्यालय में उपस्थित हों।
दस्तावेज जांच के बाद पेंशन एरियर सहित अगले माह से शुरू हो सकती है।
अगर पेंशन “स्थायी रूप से रोकी गई” दिख रही हो
कई बार ई-मित्र पर गलत घोषणा विकल्प चुनने से पेंशन स्थायी रूप से बंद दिखने लगती है।
ऐसे मामलों में:
पेंशन स्वीकृतिकर्ता अधिकारी
दस्तावेज जांच कर
पेंशन को पोर्टल से पुनः प्रारंभ कर सकते हैं।
आखिर कब तक कराना था सत्यापन? (जानना जरूरी है)
पेंशन का वार्षिक भौतिक सत्यापन हर साल अनिवार्य होता है।
निर्धारित अवधि:
1 नवंबर से 31 दिसंबर
इस अवधि में सत्यापन नहीं होने पर
जनवरी माह से पेंशन रोकी जा सकती है।
हालांकि विभाग स्पष्ट करता है कि
सत्यापन का कार्य पूरे वर्ष किया जा सकता है,
लेकिन तय समयसीमा चूकने पर भुगतान रुक सकता है।
विभाग का संदेश
सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के अनुसार,
“सरकार चाहती है कि कोई भी पात्र पेंशनर पेंशन से वंचित न रहे।”
इसी कारण पेंशन पुनः चालू करने की व्यवस्था दी गई है।