{"vars":{"id": "133489:5062"}}

बगड़ एस.एम.टी.आई में कौशल दक्षता प्रदर्शनी का अवलोकन, 212 विद्यार्थियों ने देखे मॉडल

तकनीकी प्रशिक्षण से बने मॉडल देख विद्यार्थियों में दिखा उत्साह

 

बगड़ (झुंझुनूं)। ज्योति माहेश्वरी फाउंडेशन द्वारा संचालित शिवओंकार माहेश्वरी तकनीकी संस्थान (एस.एम.टी.आई.), आईटीआई बगड़ में व्यावसायिक कौशल एवं दक्षता (जागरूकता) प्रदर्शिनी का आयोजन किया जा रहा है।

15 जनवरी 2026 को प्रदर्शनी के द्वितीय दिन आसपास क्षेत्र के विभिन्न राजकीय एवं निजी विद्यालयों के छात्र-छात्राओं ने प्रदर्शनी का अवलोकन किया।

 6 विद्यालयों के 212 विद्यार्थियों ने लिया भाग

प्रदर्शनी में आज:

  • पीएम श्री महात्मा गांधी राजकीय स्कूल, देवरोड – 51 छात्र

  • ज्योति विद्यापीठ सी.से. स्कूल, बगड़ – 31 छात्र

  • पीएम श्री महात्मा गांधी राजकीय स्कूल, प्रतापपुरा – 20 छात्र

  • राजकीय उच्च माध्यमिक स्कूल, कायस्थपुरा (बगड़) – 41 छात्र

  • शहीद जे.पी. जानू सी.से. स्कूल, झुंझुनूं – 39 छात्र

  • राजकीय सी.से. स्कूल, बुड़ाना – 30 छात्र

 कुल 212 विद्यार्थी एवं 15 आगंतुक प्रदर्शनी में शामिल हुए।

 वर्कशॉप व लैब में देखे आधुनिक मॉडल

विद्यार्थियों ने संस्थान की विभिन्न वर्कशॉप और लैब में प्रशिक्षणार्थियों द्वारा तैयार:

  • तकनीकी मॉडल

  • आधुनिक टूल्स

  • उपयोगी मशीनरी

का प्रत्यक्ष अवलोकन किया।

 प्रदर्शनी के मुख्य आकर्षण

प्रदर्शनी में आज विशेष रूप से चर्चा में रहे

  • इलेक्ट्रीशियन ट्रेड: लेजर सिक्योरिटी सिस्टम, लाई-फाई म्यूजिक सिस्टम

  • फिटर ट्रेड: पोटाश गन एवं टॉफी मॉडल

  • मैकेनिक डीजल: इलेक्ट्रिक व्हीकल बस

  • आर.ए.सी. ट्रेड: वी.सी.आर. सिलेंडर

  • फार्मेसी: तंत्रिका तंत्र व उत्सर्जन तंत्र के शैक्षणिक मॉडल

 प्रशिक्षणार्थियों की कार्यकुशलता की सराहना

प्रदर्शनी का अवलोकन करने वाले शिक्षकों व आगंतुकों ने:
 प्रशिक्षणार्थियों की कार्यकुशलता
 तकनीकी समझ
 नवाचार की सोच

की खुलकर प्रशंसा की।

 कौशल शिक्षा की दिशा में सार्थक पहल

संस्थान का उद्देश्य छात्रों में:

  • तकनीकी शिक्षा के प्रति जागरूकता

  • रोजगारोन्मुख कौशल विकास

  • व्यवहारिक ज्ञान को बढ़ावा देना

है, जिसमें यह प्रदर्शनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।

 Shekhawati Live की नजर

बगड़ आईटीआई में आयोजित यह प्रदर्शनी
 ग्रामीण-शहरी विद्यार्थियों को तकनीकी शिक्षा से जोड़ने की
 और कौशल आधारित भविष्य की दिशा में एक सराहनीय पहल है।