चूरू जिले के गांव घांघू निवासी युवा कवि और लेखक कुमार अजय को राजस्थानी साहित्य में उल्लेखनीय योगदान के लिए सुरजाराम जालीवाला राजस्थानी सृजन सम्मान से सम्मानित किया गया है।
यह सम्मान रविवार को श्रीगंगानगर स्थित नोजगे ऑडिटोरियम में आयोजित कार्यक्रम के दौरान प्रदान किया गया। कार्यक्रम का आयोजन सृजन सेवा संस्थान द्वारा ‘कबीर: तब और अब’ विषय पर व्याख्यान के तहत किया गया।
प्रख्यात साहित्यकारों ने किया सम्मानित
कार्यक्रम में प्रख्यात विचारक, आलोचक और कथाकार प्रो. पुरुषोत्तम अग्रवाल सहित अन्य अतिथियों ने कुमार अजय को सम्मान प्रदान किया।
राजस्थानी साहित्य जगत में कुमार अजय की पहचान एक चर्चित युवा लेखक के रूप में है। उनकी कृतियों को पाठकों और साहित्य जगत में व्यापक सराहना मिली है।
‘रिंकी टेलर’ और ‘संजीवणी’ से मिली पहचान
कुमार अजय की राजस्थानी रचनाओं में:
- ‘संजीवणी’
- ‘ऊभौ हूं अजै’
- ‘रिंकी टेलर’
विशेष रूप से चर्चित रही हैं।
वहीं हिंदी साहित्य में उनके कविता संग्रह ‘कहना ही है तो कहो’, डायरी पुस्तक ‘मैं चाहूं तो मुस्करा सकता हूं’ और ‘आत्माओं में घुले दुख’ प्रकाशित हो चुकी हैं।
उन्होंने संपादन और अनुवाद के क्षेत्र में भी उल्लेखनीय कार्य किया है।
कई प्रतिष्ठित पुरस्कारों से हो चुके हैं सम्मानित
कुमार अजय इससे पहले भी कई बड़े साहित्यिक और पत्रकारिता सम्मानों से सम्मानित हो चुके हैं।
उन्हें मिले प्रमुख सम्मान:
- साहित्य अकादमी युवा पुरस्कार 2013
- श्रीमती बसंती देवी धानुका युवा साहित्यकार पुरस्कार
- ग्राम गदर पत्रकारिता पुरस्कार 2006
- कुलिश स्मृति पत्रकारिता पुरस्कार 2007
- मायड़ रत्न अलंकरण
वर्तमान में वे सूचना एवं जनसंपर्क विभाग में उप निदेशक पद पर कार्यरत हैं और विभागीय पत्रिका ‘सुजस’ का संपादन देख रहे हैं।
कार्यक्रम में 15 साहित्यकारों का सम्मान
सृजन सेवा संस्थान द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में कुल 15 साहित्यकारों को सम्मानित किया गया।
इस दौरान:
- कैलाश मनहर
- मनीषा कुलश्रेष्ठ
- शायर जिया टोंकी
- शांतिलाल जैन
- डॉ मदन सैनी
- सत्यनारायण ‘सत्य’
- मोनिका गौड़
- पूनम चौधरी
सहित कई साहित्यकारों को सम्मान प्रदान किया गया।
कार्यक्रम में साहित्य, कला, शिक्षा, संस्कृति और सामाजिक संगठनों से जुड़े बड़ी संख्या में लोग उपस्थित रहे।
चूरू जिला कलक्टर अभिषेक सुराणा ने दिए निर्देश




