झुंझुनूं जिले के चिड़ावा क्षेत्र में कर्ज विवाद को लेकर चल रहे तनाव के बीच आखिरकार समाधान निकल आया। गुरुवार रात आत्महत्या करने वाले विनोद कुमार के मामले में ग्रामीणों और बैंक अधिकारियों के बीच तीसरे दौर की वार्ता में सहमति बन गई।
17 लाख कर्ज माफी और ब्याज में राहत
प्रदर्शनकारियों की मांग पर एचडीएफसी बैंक अधिकारियों ने कुल 34 लाख रुपये के कर्ज में से 17 लाख रुपये माफ करने पर सहमति दी।
इसके साथ ही 2 लाख रुपये ब्याज भी माफ किया गया है।
बाकी बचे 17 लाख रुपये बिना ब्याज के 6 महीने बाद चुकाने की शर्त तय की गई है।
पहले दौर की वार्ता रही असफल
इससे पहले शाम को हुई बातचीत में कोई समाधान नहीं निकल पाया था, जिससे माहौल तनावपूर्ण हो गया था।
हालांकि देर रात हुई तीसरी बैठक में प्रशासन और दोनों पक्षों के प्रयासों से समझौता संभव हो पाया।
प्रशासन की रही अहम भूमिका
वार्ता के दौरान चिड़ावा डिप्टी विकास धींधवाल और नायब तहसीलदार बलबीर कुलहरी ने मध्यस्थता करते हुए मामले को सुलझाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
प्रदर्शनकारी कमेटी की ओर से राजेन्द्र फौजी, सुशील डांगी, कर्मवीर सिंह, सुरेश महला और मृतक के भाई सुरेंद्र मौजूद रहे।
सहमति पत्र के बाद होगा पोस्टमार्टम
बैंक अधिकारियों द्वारा रविवार सुबह सहमति पत्र सौंपा जाएगा। इसके बाद ही शव का पोस्टमार्टम कराया जाएगा।
आत्महत्या के बाद शुरू हुआ था विरोध प्रदर्शन
विनोद कुमार की आत्महत्या के बाद ग्रामीणों और परिजनों ने शव लेने से इंकार कर दिया था।
वे पिलानी रोड स्थित बैंक के बाहर धरने पर बैठ गए थे और अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे।
ग्रामीणों की प्रमुख मांगें
ग्रामीणों ने प्रशासन और बैंक के सामने कई मांगें रखी थीं:
- बैंक कर्मचारियों पर हत्या का मामला दर्ज किया जाए
- पूरा कर्ज माफ किया जाए
- परिवार को 1 करोड़ रुपये मुआवजा मिले
- पीड़ित परिवार के सदस्य को सरकारी नौकरी दी जाए
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