झुंझुनूं में भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय के तहत ज्ञान भारतम् मिशन के अंतर्गत पांडुलिपियों के सर्वेक्षण, संरक्षण और डिजिटाईजेशन का कार्य शुरू कर दिया गया है।
इस अभियान का उद्देश्य जिले में मौजूद प्राचीन और ऐतिहासिक पांडुलिपियों को सुरक्षित रखना और उन्हें डिजिटल रूप में संरक्षित करना है।
कहां-कहां होंगी पांडुलिपियों की खोज
यह अभियान शैक्षणिक संस्थानों, महाविद्यालयों, विश्वविद्यालयों, मंदिरों, मठों, संग्रहालयों और पुस्तकालयों के साथ-साथ निजी संग्रहकर्ताओं तक पहुंचेगा।
प्रशासन का लक्ष्य है कि क्षेत्र में छुपी हुई ऐतिहासिक धरोहर को सामने लाया जाए।
आमजन से मांगी गई जानकारी
जिला जनसम्पर्क अधिकारी हिमांशु सिंह ने अपील करते हुए कहा:
“यदि किसी व्यक्ति या संस्था के पास कोई पांडुलिपि उपलब्ध है, तो उसकी जानकारी अवश्य दें, ताकि उसे सुरक्षित कर डिजिटल रूप दिया जा सके।”
कैसे दें जानकारी
जिलेवासी अपनी पांडुलिपियों की जानकारी निम्न माध्यमों से साझा कर सकते हैं:
- ईमेल: projjn@yahoo.co.in
- मोबाइल नंबर: 7014000497
क्यों जरूरी है यह अभियान
पांडुलिपियां हमारी सांस्कृतिक और ऐतिहासिक विरासत का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं।
इनका डिजिटाइजेशन होने से आने वाली पीढ़ियां भी इस ज्ञान से लाभ उठा सकेंगी और शोध कार्यों को नई दिशा मिलेगी।



