राजस्थान में लगातार बढ़ रही भीषण गर्मी के बीच सीकर जिला प्रशासन ने मनरेगा श्रमिकों को बड़ी राहत दी है। जिला कलेक्टर आशीष मोदी ने मनरेगा कार्यों के समय में बदलाव के आदेश जारी किए हैं।
अब मनरेगा योजनाओं के तहत कार्य सुबह 5:30 बजे से दोपहर 12:30 बजे तक कराया जाएगा। यह व्यवस्था 30 जून 2026 तक लागू रहेगी।
गर्मी और बढ़ते तापमान के चलते फैसला
जिला कलेक्टर आशीष मोदी ने बताया कि महात्मा गांधी नरेगा अधिनियम 2005 की अनुसूची-1 के पैरा 19 के अनुसार कार्य अवधि 8 घंटे निर्धारित है, जिसमें 1 घंटे का विश्राम काल शामिल होता है।
लेकिन प्रदेश में पड़ रही प्रचंड गर्मी और लगातार बढ़ते तापमान को देखते हुए श्रमिकों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखकर यह नया समय निर्धारित किया गया है।
बिना विश्राम काल के होगा कार्य
नई व्यवस्था के तहत अब श्रमिकों को अलग से विश्राम काल नहीं मिलेगा। श्रमिक लगातार सुबह 5:30 बजे से दोपहर 12:30 बजे तक कार्य करेंगे।
प्रशासन का मानना है कि सुबह के समय तापमान कम रहने से श्रमिकों को राहत मिलेगी और हीटवेव का खतरा भी कम होगा।
तय टास्क पूरा होने पर जल्दी जा सकेंगे श्रमिक
प्रशासन ने श्रमिकों के लिए एक और राहत दी है। यदि कोई श्रमिक समूह निर्धारित समय से पहले तय टास्क पूरा कर लेता है, तो वह सुबह 11 बजे के बाद कार्य स्थल छोड़ सकेगा।
इसके लिए मेट के पास उपलब्ध मस्टररोल में कार्य की माप दर्ज करवानी होगी और समूह मुखिया के हस्ताक्षर करवाने होंगे। साथ ही एनएमएमएस प्रक्रिया के अनुसार दूसरी पारी की हाजिरी भी दर्ज करनी होगी।
30 जून तक लागू रहेगी व्यवस्था
जिला प्रशासन के अनुसार मनरेगा कार्यों का यह बदला हुआ समय 30 जून 2026 तक प्रभावी रहेगा। जरूरत पड़ने पर मौसम की स्थिति के अनुसार आगे भी समीक्षा की जा सकती है।





