जिला प्रशासन ने बढ़ती गतिविधियों के बीच जारी किए सुरक्षा दिशा-निर्देश
चूरू जिले में मधुमक्खियों के आक्रमण की बढ़ती घटनाओं को देखते हुए जिला प्रशासन ने अलर्ट जारी किया है।
जिला कलेक्टर अभिषेक सुराणा ने आमजन से सावधानी बरतने और सतर्क रहने की अपील की है।
गर्मी में बढ़ती है गतिविधि
डीएफओ भवानी सिंह ने बताया कि विशेषकर मार्च से जून के बीच मधुमक्खियों की गतिविधियां बढ़ जाती हैं।
रॉक बी (एपिस डोर्साटा) प्रजाति अधिक संवेदनशील और आक्रामक होती है।
ये मधुमक्खियां पेड़ों, चट्टानों, पानी के स्रोतों और इमारतों की छतों पर छत्ते बनाती हैं।
क्या करें (Do’s)
- मधुमक्खियों का झुंड दिखे तो दूरी बनाए रखें
- शांत रहें और धीरे-धीरे पीछे हटें, दौड़ें नहीं
- सिर और चेहरे को कपड़े से ढकें
- हल्के रंग के और शरीर ढकने वाले कपड़े पहनें
- छत्ता दिखे तो वाहन धीमी गति से चलाएं, हॉर्न न बजाएं
- हमले के दौरान बंद स्थान (कमरा/वाहन) में शरण लें
- छत्ता दिखने पर प्रशासन या विशेषज्ञ को सूचना दें
- बच्चों को ऐसे स्थानों से दूर रखें
क्या न करें (Don’ts)
- छत्ते को छेड़ने या नष्ट करने की कोशिश न करें
- छत्ते के पास शोर, धुआं या पत्थरबाजी न करें
- मधुमक्खियों को कुचलें या मारें नहीं
- तेज परफ्यूम या खुशबूदार तेल लगाकर न जाएं
- गहरे या चमकीले रंग के कपड़े पहनकर छत्ते के पास न जाएं
- बिना अनुमति छत्ता हटाने का प्रयास न करें
हमले की स्थिति में क्या करें
- तुरंत किसी सुरक्षित स्थान (कमरा या वाहन) में जाएं
- चेहरे और सिर को अच्छी तरह ढकें
- डंक लगने पर उसे हल्के से खुरचकर निकालें (दबाएं नहीं)
- प्रभावित जगह को साबुन-पानी से साफ करें और बर्फ से सेक करें
- यदि सांस लेने में दिक्कत, सूजन या चक्कर आए तो तुरंत अस्पताल जाएं
ध्यान रखें: पानी में कूदना सुरक्षित नहीं है, मधुमक्खियां बाहर आने का इंतजार कर सकती हैं।
पर्यावरण के लिए जरूरी हैं मधुमक्खियां
प्रशासन ने यह भी बताया कि मधुमक्खियां पर्यावरण के लिए बेहद जरूरी हैं।
खाद्य उत्पादन का बड़ा हिस्सा इनके परागण पर निर्भर करता है।
प्रशासन की अपील
जिला प्रशासन ने आमजन से अपील की है कि
“आपकी सतर्कता ही आपकी सुरक्षा है।”
इस जानकारी को अपने परिवार और आसपास के लोगों के साथ जरूर साझा करें।
