गोवंश को बचाने के प्रयास में पलटी कार, दूल्हे का भाई और फोटोग्राफर की मौत
राजस्थान के चूरू जिले के बीदासर क्षेत्र में एक दर्दनाक सड़क हादसे में दूल्हे के बड़े भाई और एक फोटोग्राफर की मौत हो गई, जबकि एक युवक घायल हो गया।
यह हादसा ढाणी कुम्हारान के पास मंगलवार शाम करीब 7:30 से 8 बजे के बीच हुआ।
गोवंश को बचाने के प्रयास में पलटी कार
बीदासर थानाधिकारी दिलीप सिंह शेखावत के अनुसार, देवली तलाई के जाखड़ परिवार की बारात राजलदेसर जा रही थी।
बारात में शामिल एक कार को दूल्हे के बड़े भाई सुरेश कुमार जाट (28) चला रहे थे।
देवली तलाई से करीब 12 किलोमीटर आगे निकलते ही अचानक कार के सामने गोवंश आ गया। उसे बचाने के प्रयास में कार अनियंत्रित होकर पलट गई।
कार में कुल तीन लोग सवार थे —
- सुरेश कुमार जाट
- फोटोग्राफर नरेश कुमार दर्जी
- राहुल
अस्पताल में इलाज के दौरान दो की मौत
हादसे के बाद तीनों को तुरंत बीदासर के सरकारी अस्पताल पहुंचाया गया।
- डॉक्टरों ने सुरेश कुमार जाट को मृत घोषित कर दिया।
- गंभीर घायल फोटोग्राफर नरेश कुमार दर्जी (38) को सुजानगढ़ रेफर किया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।
- कार में सवार राहुल को मामूली चोटें आईं, जिसे प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई।
शादी की खुशियां मातम में बदली
हादसे की खबर मिलते ही दूल्हे के घर में कोहराम मच गया।
जहां शाम तक घर में मंगल गीत गूंज रहे थे, वहीं रात होते-होते रोने और चीखने की आवाजें सुनाई देने लगीं।
बताया जा रहा है कि बारात की सभी गाड़ियां एक साथ चल रही थीं। कार पलटते ही बारातियों को घटना की जानकारी मिल गई और तुरंत घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया।
सरकारी शिक्षक थे सुरेश कुमार
मृतक सुरेश कुमार जाट सरकारी शिक्षक थे। उनकी पोस्टिंग नागौर जिले की जायल तहसील के राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय अजबपुरा में थी।
उनके परिवार में दो छोटी बेटियां हैं —
- एक की उम्र करीब डेढ़ साल
- दूसरी की उम्र 6 महीने है
सुरेश चार भाइयों में दूसरे नंबर पर थे।
दो भाइयों की थी शादी
परिवार में सुरेश के छोटे भाई अशोक और चंद्रप्रकाश की शादी थी।
- अशोक की शादी राजलदेसर में थी और वह भारतीय सेना में कार्यरत हैं।
- चंद्रप्रकाश की शादी प्रेमनगर में थी और वे इंजीनियर हैं।
हादसे के बाद दोनों शादियां शोक के माहौल में पूरी करवाई गईं।
झुंझुनूं के भोड़की गांव के थे फोटोग्राफर
हादसे में जान गंवाने वाले नरेश कुमार दर्जी मूल रूप से झुंझुनूं जिले के भोड़की गांव के रहने वाले थे।
वे पिछले कई वर्षों से नागौर में रहकर फोटोग्राफी का काम कर रहे थे।
नरेश के परिवार में तीन बेटियां हैं। उनके पिता शुभकरण टेलर हैं।
