चूरू जिले में जनगणना 2027 के सफल आयोजन को लेकर जिला कलक्टर अभिषेक सुराणा ने आमजन से सक्रिय सहभागिता की अपील की है।
उन्होंने कहा कि
“जनगणना ‘हमारी जनगणना, हमारा विकास’ की भावना के साथ देश के भविष्य की योजनाओं का आधार बनेगी।”
विकास योजनाओं का बनेगा आधार
कलेक्टर ने बताया कि जनगणना केवल जनसंख्या की गणना नहीं, बल्कि यह 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने में अहम भूमिका निभाएगी।
इसके जरिए सरकार को विभिन्न वर्गों की वास्तविक स्थिति का आंकलन करने में मदद मिलेगी, जिससे योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन संभव होगा।
01 मई से शुरू होगा स्वगणना चरण
उप जिला जनगणना अधिकारी डॉ. रामगोपाल सेपट ने बताया कि
1 मई से 15 मई 2026 तक स्वगणना (Self Enumeration) का चरण चलेगा।
इस दौरान नागरिक ऑनलाइन पोर्टल (se.census.gov.in) के माध्यम से अपनी जानकारी खुद दर्ज कर सकेंगे और SE ID प्राप्त करेंगे।
प्रगणक के घर आने पर यह ID साझा करनी होगी।
16 मई से घर-घर सर्वे
जनगणना का पहला चरण यानी मकान सूचीकरण और मकानों की गणना
16 मई से 14 जून 2026 तक किया जाएगा।
इस दौरान:
- हर मकान की जानकारी
- घर की स्थिति और सुविधाएं
- मूलभूत डेटा
एकत्रित किया जाएगा।
पूरे जिले में इस कार्य के लिए:
- 3945 प्रगणक
- 688 सुपरवाइजर
नियुक्त किए गए हैं।
जानकारी रहेगी पूरी तरह गोपनीय
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जनगणना के दौरान दी गई सभी जानकारी
जनगणना अधिनियम 1948 के तहत पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी।
नाम और व्यक्तिगत पहचान को सार्वजनिक नहीं किया जाएगा।
आमजन से सहयोग की अपील
जिला प्रशासन ने नागरिकों, जनप्रतिनिधियों और कर्मचारियों से अपील की है कि वे सही और सटीक जानकारी प्रदान करें और इस राष्ट्रीय कार्य में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करें।
