चूरू। प्रमुख जनगणना अधिकारी एवं जिला कलेक्टर अभिषेक सुराणा के निर्देशन में शनिवार से जिले में जनगणना-2027 का प्रथम चरण ‘मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना कार्य’ शुरू हो गया।
पहले दिन जिले के कुल 11 चार्ज क्षेत्रों में प्रगणकों ने घर-घर पहुंचकर नागरिकों से जानकारी जुटाई और मकानों पर अंकन कार्य किया।
घर-घर जाकर जुटाई जानकारी
जनगणना कार्य शुरू होते ही जिलेभर में प्रशासनिक सक्रियता देखने को मिली। प्रगणकों ने मकानों की स्थिति, उपयोग, उपलब्ध सुविधाओं और परिवारों से संबंधित विभिन्न जानकारियां संकलित कीं।
इस दौरान नागरिकों को बताया गया कि उनके द्वारा दी गई जानकारी पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी और इसका उपयोग केवल सरकारी योजनाओं एवं विकास कार्यों के लिए किया जाएगा।
“जनगणना देश की विकास योजनाओं और नीति निर्माण की आधारभूत प्रक्रिया है।” अभिषेक सुराणा, जिला कलेक्टर
आमजन से सहयोग की अपील
जिला कलेक्टर अभिषेक सुराणा ने कहा कि सभी प्रगणक एवं पर्यवेक्षक पूरी जिम्मेदारी और पारदर्शिता के साथ कार्य करें ताकि सटीक और विश्वसनीय आंकड़े तैयार हो सकें।
उन्होंने आमजन से अपील की कि वे जनगणना दल को पूरा सहयोग दें और मांगी गई जानकारी सही रूप में उपलब्ध करवाएं।
पहले चरण में पूछे जा रहे 33 सवाल
पहले चरण के दौरान प्रगणकों द्वारा नागरिकों से 33 प्रकार की जानकारियां ली जा रही हैं। इनमें मुख्य रूप से
- मकान संख्या
- भवन की दीवार, छत और फर्श की सामग्री
- परिवार के सदस्यों की संख्या
- परिवार के मुखिया का नाम और वर्ग
- पेयजल और बिजली की सुविधा
- शौचालय और स्नानघर की उपलब्धता
- रसोई एवं गैस कनेक्शन
- इंटरनेट और मोबाइल सुविधा
- वाहन संबंधी जानकारी
- मुख्य खाद्यान्न उपयोग
- मोबाइल नंबर आदि शामिल हैं।
विकास योजनाओं के लिए अहम होगी जनगणना
प्रशासन के अनुसार जनगणना से प्राप्त आंकड़े भविष्य की सरकारी योजनाओं, संसाधनों के वितरण और विकास कार्यों की आधारशिला बनेंगे। इसलिए इस अभियान को बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
जिला प्रशासन ने नागरिकों से सक्रिय भागीदारी निभाकर जनगणना-2027 को सफल बनाने की अपील की है।





