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Churu News : श्रीमद्भागवत कथा शुरू, कलश यात्रा से शुभारंभ

Kalash yatra marks beginning of Bhagwat Katha in Chotadiya

सात दिवसीय कथा का आयोजन, संतों ने बताई भक्ति और गो सेवा की महिमा
चूरू जिले की रतनगढ़ तहसील के गांव छोटड़िया में श्रीकरणी गोरख गौशाला संस्थान प्रांगण में आयोजित सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ का शुभारंभ सोमवार को भव्य कलश यात्रा के साथ हुआ।

इस आयोजन में आसपास के गांवों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए


ठाकुरजी मंदिर से निकली कलश यात्रा

संस्थान के सचिव गोपालदान चारण ने बताया कि कथा के प्रारंभ में गांव के ठाकुरजी मंदिर से कलश यात्रा निकाली गई।

यह यात्रा करणी माता मंदिर और बालाजी मंदिर होते हुए कथा स्थल तक पहुंची।

इस दौरान भगवान शंकर-पार्वती और राधा-कृष्ण की आकर्षक झांकियां भी सजाई गईं, जिन्हें देखने के लिए लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी।


संत भोले बाबा ने बताया भागवत का महत्व

कथा के प्रथम दिन बाल संत भोले बाबा ने श्रीमद्भागवत के महात्म्य पर प्रकाश डाला।

उन्होंने कहा कि कलियुग में भगवान के नाम का जप और कीर्तन ही सबसे बड़ा साधन है, जिससे मनुष्य को आध्यात्मिक शांति मिलती है।


गो सेवा का बताया महत्व

संत ने प्रवचन के दौरान गो सेवा के महत्व पर भी प्रकाश डाला।

उन्होंने कहा कि गायों में सभी देवी-देवताओं का वास होता है, इसलिए उनकी सेवा से सभी देवता प्रसन्न होते हैं।

उन्होंने बताया कि गाय के दूध, दही और घी के सेवन से शरीर को पोषक तत्व मिलते हैं, जिससे कई रोग स्वतः ही दूर हो जाते हैं।


मुख्य यजमान ने की व्यासपीठ पूजा

कथा के प्रारंभ में मुख्य यजमान सरोज देवी और रामस्वरूप शर्मा ने व्यासपीठ की पूजा-अर्चना की।

इस अवसर पर पूर्णाराम उपाध्याय, धुड़ाराम सुथार, शंभुदान चारण, प्रहलाददान चारण, गणपतराम नाई, देवाराम नायक, ओमप्रकाश मेघवाल, महावीर जोशी, तोलाराम उपाध्याय सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे।


दोपहर और रात को होंगे अलग-अलग कार्यक्रम

आयोजकों के अनुसार श्रीमद्भागवत कथा का वाचन दोपहर सवा 12 बजे से शाम सवा 4 बजे तक होगा।

वहीं रात्रि 8 बजे से 10 बजे तक “नानी बाई का मायरा” कथा का आयोजन किया जाएगा, जिसका वाचन संत विद्यासागर महाराज करेंगे।