चूरू। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) के पूर्व नगर मंत्री नरेंद्र प्रजापत हत्याकांड मामले में चूरू की जिला एवं सत्र न्यायालय ने महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है।
अदालत ने मामले में आरोपी अमित उर्फ मितला और हितेश कुमार को दोषी मानते हुए आजीवन कारावास (उम्रकैद) की सजा सुनाई है।
21 गवाहों और 46 साक्ष्यों के आधार पर फैसला
एडवोकेट सुरेंद्र सिंह ने बताया कि न्यायालय ने यह फैसला 21 गवाहों के बयान और 46 दस्तावेजी साक्ष्यों के आधार पर सुनाया।
मामला 1 नवंबर 2024 की रात का है, जब सदर थाना क्षेत्र के डाबला गांव के पास नरेंद्र प्रजापत की हत्या कर दी गई थी।
लाठी और सरियों से किया गया हमला
जानकारी के अनुसार नरेंद्र प्रजापत अपने साथी अमजद के साथ बाइक पर चूरू लौट रहे थे।
इसी दौरान काले रंग की थार गाड़ी में आए आरोपियों ने उनका रास्ता रोक लिया और लाठी व सरियों से हमला कर दिया।
गंभीर रूप से घायल नरेंद्र को तुरंत राजकीय भरतिया अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
“हत्या की वजह पुरानी रंजिश और वाहन किराए का विवाद बताया गया है।” न्यायालयी सूत्र
मुंबई से पकड़ा गया था मुख्य आरोपी
पुलिस ने मामले के मुख्य आरोपी अमित उर्फ मितला को मुंबई से गिरफ्तार किया था। उस पर 15 हजार रुपये का इनाम भी घोषित था।
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार आरोपी पर विभिन्न थानों में एक दर्जन से अधिक मामले दर्ज हैं।
इनमें जयपुर में हुई डेढ़ करोड़ रुपये की चोरी का मामला भी शामिल है।
तीसरा आरोपी अब भी फरार
इस हत्याकांड का तीसरा आरोपी शुभम ढाका फिलहाल फरार बताया जा रहा है। पुलिस उसकी तलाश में जुटी हुई है।





