32 हजार करोड़ की यमुना जल परियोजना से शेखावाटी को बड़ी राहत
चूरू को बजट में बड़ी सौगात
वित्त वर्ष 2026-27 का बजट पेश करते हुए वित्त मंत्री एवं उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी ने चूरू जिले के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं।
इस बार बजट की सबसे बड़ी घोषणा चूरू शहर में एलीवेटेड रोड निर्माण की रही, जिससे ट्रैफिक जाम से राहत मिलने की उम्मीद है।
32 हजार करोड़ की यमुना जल परियोजना
शेखावाटी क्षेत्र के लिए सबसे महत्वाकांक्षी घोषणा हथिनीकुंड बैराज से यमुना जल लाने की रही।
करीब 32 हजार करोड़ रुपये की लागत से प्रस्तावित इस परियोजना से चूरू सहित पूरे शेखावाटी क्षेत्र में पेयजल संकट से राहत मिलने की संभावना है।
शेखावाटी की विरासत को संरक्षण
बजट में हवेली संरक्षण योजना के तहत चूरू, झुंझुनूं और सीकर जिलों की 660 से अधिक चिन्हित हवेलियों में सफाई और बुनियादी सुविधाओं के विकास का प्रावधान किया गया है।
खारे पानी वाले क्षेत्रों में झींगा पालन को बढ़ावा देने के लिए पालकों को रियायती दर पर बिजली उपलब्ध कराई जाएगी।
रेलवे और सड़क परियोजनाएं
परिवहन ढांचे को मजबूत करने के लिए कई परियोजनाएं स्वीकृत हुईं
- डोकवा-हड़ियाल के बीच लगभग 8 करोड़ से आरयूबी
- रतनगढ़-डेगाणा रेलखंड पर 45.69 करोड़ से रेलवे ओवरब्रिज
- भोजूसर उपाधियान से देगां तक 3.60 करोड़ से मिसिंग लिंक सड़क
- तारानगर क्षेत्र में 4 करोड़ के सड़क कार्य
इसके अलावा, चूरू जिला कारागृह में आधुनिक मुलाकात कक्ष और लॉकर सुविधा विकसित की जाएगी।
बीरमी खालसा उप स्वास्थ्य केंद्र को आयुष्मान आरोग्य मंदिर में उन्नत किया जाएगा।
न्यायिक और प्रशासनिक ढांचा मजबूत
- सुजानगढ़ और राजगढ़ में सहायक कलेक्टर कार्यालय
- सरदारशहर, तारानगर और सिद्धमुख में नए तहसील भवन
- तारानगर में वरिष्ठ सिविल जज एवं एसीजेएम कोर्ट की स्थापना
इन घोषणाओं से प्रशासनिक सेवाओं को गति मिलेगी।
पर्यावरण और ऊर्जा क्षेत्र में पहल
ताल छापर अभ्यारण्य के लिए इको-सेंसिटिव जोन का जोनल मास्टर प्लान तैयार किया जाएगा।
तारानगर के बीरमी खालसा में 33/11 केवी जीएसएस स्थापित होगा, जिससे बिजली आपूर्ति मजबूत होगी।
क्या बदलेगा चूरू का भविष्य?
विशेषज्ञों का मानना है कि एलीवेटेड रोड और यमुना जल परियोजना जैसी घोषणाएं चूरू के इन्फ्रास्ट्रक्चर और जल प्रबंधन को नई दिशा देंगी।
अब निगाहें इस बात पर रहेंगी कि इन परियोजनाओं का क्रियान्वयन कितनी तेजी से होता है।
