चूरू जिले में चल रही नहरबंदी के बीच जलदाय विभाग (PHED) ने पानी की बर्बादी को लेकर सख्त रुख अपनाया है।
अब घरों और दुकानों के सामने अनावश्यक पानी बहाने वालों पर कार्रवाई की जाएगी।
छिड़काव कर पानी बहाना पड़ेगा महंगा
जलदाय विभाग को जानकारी मिली है कि कई स्थानों पर लोग टंकी और ट्यूबवेल के पानी से छिड़काव कर रहे हैं, जिससे पानी की भारी बर्बादी हो रही है।
एसई चुन्नीलाल ने कहा:
“नहरबंदी के समय पानी बचाना बेहद जरूरी है। अनावश्यक उपयोग से अंतिम छोर तक पानी नहीं पहुंच पाता।”
टीम करेगी औचक निरीक्षण
जलदाय विभाग की टीम अब:
- शहर के विभिन्न वार्डों में औचक निरीक्षण करेगी
- पानी बर्बाद करने वालों को चिह्नित करेगी
पहले ऐसे लोगों को समझाइश दी जाएगी, लेकिन नियम नहीं मानने पर:
- जुर्माना लगाया जाएगा
- पानी का कनेक्शन भी काटा जा सकता है
सीमित जल भंडारण, बढ़ी चिंता
वर्तमान में कर्मसाना स्टोरेज डैम में केवल 700 एमएल पानी शेष है, जबकि इसकी कुल क्षमता 1680 एमएल है।
- पिछले दो दिनों से एक दिन छोड़कर सप्लाई दी जा रही है
- अगले 15 दिनों तक नहर में पानी आने की संभावना नहीं
इस स्थिति में पानी की बचत बेहद जरूरी हो गई है।
अंतिम छोर तक नहीं पहुंचता पानी
पानी की बर्बादी के कारण सबसे ज्यादा नुकसान दूर-दराज के इलाकों को होता है, जहां पहले से ही पानी की कमी रहती है।
प्रशासन की अपील
जलदाय विभाग ने आमजन से अपील की है:
- पानी का उपयोग जरूरत अनुसार करें
- अनावश्यक छिड़काव और बहाव से बचें
- जल संकट के समय सहयोग करें



