चूरू जिले में नशामुक्ति केंद्रों पर प्रशासन सख्त
जिला कलक्टर अभिषेक सुराणा के निर्देशानुसार चूरू जिले में संचालित अनुज्ञप्तिधारी और गैर-अनुज्ञप्तिधारी नशामुक्ति केंद्रों की जांच की गई।
जांच में राजस्थान निराव्यसन केन्द्र नियम, 2020 की पालना नहीं पाए जाने पर कुल तीन नशामुक्ति केंद्रों को बंद करवाया गया।
एक अवैध और दो अनुज्ञप्तिधारी केंद्र बंद
सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग (SJED) के डीडी नगेन्द्र सिंह ने बताया कि जांच के दौरान
- एक अवैध नशामुक्ति केंद्र
- दो अनुज्ञप्तिधारी नशामुक्ति केंद्र
पर कार्रवाई की गई। यह निरीक्षण राजगढ़ उपखण्ड अधिकारी, तहसीलदार, थानाधिकारी, सामाजिक न्याय विभाग और बाल अधिकारिता विभाग की संयुक्त टीम द्वारा किया गया।
“आगे भी जिले में नशामुक्ति केंद्रों का निरीक्षण लगातार जारी रहेगा।”
जिले में कुल 6 नशामुक्ति केंद्र संचालित
उपनिदेशक नगेन्द्र सिंह राठौड़ ने बताया कि वर्तमान में जिले में
- 3 केंद्रों को विधिवत अनुज्ञप्ति व रजिस्ट्रेशन प्राप्त है
- 2 केंद्रों ने अनुज्ञप्ति हेतु आवेदन कर रखा है
इन सभी केंद्रों का निरीक्षण किया जा चुका है।
राहत नशामुक्ति एवं पुनर्वास समिति, राजगढ़ तथा एलएन मेमोरियल चैरिटेबल ट्रस्ट द्वारा संचालित शिवम नशामुक्ति केंद्र, चूरू द्वारा सराहनीय कार्य किया जा रहा है।
नियमों की पालना अनिवार्य
उन्होंने बताया कि NDPS Act 1985 के तहत राज्य सरकार ने नशे से ग्रसित व्यक्तियों के पुनर्वास हेतु राजस्थान निराव्यसन केन्द्र नियम, 2020 लागू किए हैं।
इन नियमों के तहत नशामुक्ति केंद्र संचालन के लिए
- विभाग से अनुज्ञप्ति व रजिस्ट्रेशन प्रमाण पत्र
- प्रशिक्षित चिकित्सक, नर्स व परामर्शदाता
- सीसीटीवी, आवश्यक सुविधाएं, उपचार प्रोटोकॉल
- स्टाफ का पुलिस सत्यापन
अनिवार्य है।
आवेदन प्रक्रिया की जानकारी
नशामुक्ति केंद्र संचालन हेतु सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग निदेशालय में निर्धारित प्रारूप में ऑफलाइन आवेदन करना होता है।
सभी आवश्यक दस्तावेज पूरे होने पर ही अनुज्ञप्ति एवं रजिस्ट्रेशन प्रमाण पत्र जारी किया जाता है।
