चूरू। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में प्रदेश सरकार राज्य के हर वंचित और पात्र व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए लगातार प्रयासरत है। इसी कड़ी में “मुख्यमंत्री दिव्यांग स्कूटी योजना” दिव्यांगजनों के लिए सहारा बनकर उभरी है और उनके जीवन में आत्मनिर्भरता व सम्मान का नया अध्याय जोड़ रही है।
इस योजना का एक प्रेरक उदाहरण चूरू जिले के रतननगर निवासी पंकज शर्मा हैं, जिनके जीवन में स्कूटी मिलने के बाद बड़ा बदलाव आया है। पंकज बताते हैं कि वह एक मिठाई की दुकान पर काम करते हैं और पहले रोजमर्रा के कामों के लिए उन्हें दूसरों पर निर्भर रहना पड़ता था।
उन्होंने बताया कि जब उन्होंने राज्य सरकार की “मुख्यमंत्री दिव्यांग स्कूटी योजना” के तहत आवेदन किया, तो पात्रता और पारदर्शिता के आधार पर उनका चयन हुआ और उन्हें निःशुल्क स्कूटी प्रदान की गई। स्कूटी मिलने के बाद अब उनकी दैनिक जीवन की चुनौतियां काफी हद तक कम हो गई हैं।
पंकज के अनुसार, पहले घर से बाहर निकलना और काम पर जाना उनके लिए बड़ी समस्या थी। शारीरिक अक्षमता के कारण उन्हें हर छोटे-बड़े काम के लिए दूसरों की मदद लेनी पड़ती थी। लेकिन अब स्कूटी मिलने के बाद वे बिना किसी सहारे के अपने घर से करीब 5 किलोमीटर दूर स्थित दुकान तक आसानी से पहुंच जाते हैं और आत्मनिर्भर बनकर अपनी आजीविका कमा रहे हैं।
पंकज शर्मा और उनके परिवार ने इस योजना के लिए राज्य सरकार का आभार जताते हुए कहा कि यह पहल न केवल सुविधा देती है, बल्कि आत्मसम्मान भी बढ़ाती है। पंकज का कहना है कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की इस जनकल्याणकारी योजना ने उनके जैसे हजारों युवाओं को समाज की मुख्यधारा से जोड़ने का काम किया है।



