शिक्षा रैंकिंग सुधार, बूट कैंप व नामांकन वृद्धि पर विशेष फोकस
चूरू में जिला कलेक्ट्रेट सभागार (आपणी योजना) में आयोजित बैठक में अभिषेक सुराणा ने जिला निष्पादन समिति एवं मिड डे मील की समीक्षा की।
बैठक में जिले की शिक्षण व्यवस्थाओं, शैक्षिक गतिविधियों और विभिन्न योजनाओं की प्रगति पर विस्तार से चर्चा की गई।
अभिभावकों की भागीदारी पर जोर
जिला कलक्टर ने निर्देश दिए कि सभी विद्यालयों में विद्यार्थियों की शैक्षिक एवं सहगामी गतिविधियों में अभिभावकों की समुचित भागीदारी सुनिश्चित की जाए।
उन्होंने कहा कि बच्चों के सीखने के स्तर, कक्षा गतिविधियों और घर पर दिए जाने वाले कार्यों की जानकारी अभिभावकों को नियमित रूप से दी जाए, ताकि निरंतर उन्नयन संभव हो सके।
शिक्षा रैंकिंग में सुधार के निर्देश
सुराणा ने कहा कि शिक्षा रैंकिंग के सभी पैरामीटर में समानांतर प्रगति होनी चाहिए। जिन क्षेत्रों में जिले का प्रदर्शन कमजोर है, वहां अपेक्षित सुधार लाया जाए।
सभी सीबीईओ को ब्लॉक स्तर पर प्रधानाचार्यों के साथ समन्वय कर प्रभावी मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए गए।
ग्रीष्मकालीन बूट कैंप व आईटी गतिविधियां
ग्रीष्मकाल अवकाश के दौरान सेमी-रेजिडेंशियल बूट कैंप के आयोजन की कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए गए।
विद्यार्थियों को आई-स्टार्ट लांचपैड व इन्क्यूबेशन सेंटर के माध्यम से आईटी गतिविधियों और उद्यमिता की दिशा में प्रेरित करने पर बल दिया गया।
परीक्षाओं का समयबद्ध आयोजन
पांचवीं, आठवीं एवं अन्य कक्षाओं की परीक्षाओं को समयबद्ध व सुव्यवस्थित ढंग से संचालित करने के निर्देश दिए गए।
साथ ही आरआरआर सेंटर व इको क्लब गतिविधियों में विद्यार्थियों की भागीदारी बढ़ाने पर भी जोर दिया गया।
नामांकन वृद्धि व खेल गतिविधियां
आगामी सत्र में नामांकन वृद्धि पर विशेष ध्यान देने तथा “एक पंचायत—एक खेल” के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए शारीरिक शिक्षकों के समन्वय से कार्य करने के निर्देश दिए गए।
एसडीआरएफ व स्कूल भवन मरम्मत कार्यों में गुणवत्तापूर्ण निर्माण सुनिश्चित करने की बात भी कही गई।
विभिन्न योजनाओं की समीक्षा
बैठक में मुख्यमंत्री शिक्षित राजस्थान अभियान, पुस्तक अभिरुचि प्रतियोगिता, व्यावसायिक शिक्षा, पीएमश्री विद्यालय प्रगति, केजीबीवी, शिक्षा रैंकिंग, मिड डे मील व साक्षरता अभियान सहित कई बिंदुओं की समीक्षा की गई।
सीडीईओ संतोष कुमार महर्षि ने बैठक की कार्यवाही का संचालन किया।
