एडीएम और आयुक्त ने महोत्सव की रूपरेखा साझा की, नवाचार और लोक कला को प्रमुखता
चूरू। जिले का सांस्कृतिक पर्व, चूरू महोत्सव, इस वर्ष स्थानीय कला, संस्कृति और नवाचार को प्रमुखता देने के उद्देश्य से आयोजित किया जाएगा। नगर परिषद सभागार में आयोजित बैठक में एडीएम Arpita Soni और नगर परिषद आयुक्त Abhilasha Singh ने महोत्सव की रूपरेखा और तैयारियों पर जानकारी साझा की।
स्थानीय कला और संस्कृति पर विशेष जोर
एडीएम अर्पिता सोनी ने कहा कि चूरू महोत्सव जिले की सांस्कृतिक पहचान है। उन्होंने मीडिया से मिले सुझावों और अनुभवों को आयोजन में शामिल करने की आवश्यकता पर जोर दिया।
आयुक्त अभिलाषा सिंह ने महोत्सव की प्रारंभिक रूपरेखा पेश करते हुए बताया कि इस बार आयोजन में नवाचारों के साथ-साथ स्थानीय लोक कला और संस्कृति को प्रमुखता दी जाएगी।
आयोजन और सुविधाओं का विवरण
बैठक के दौरान महोत्सव की यातायात व्यवस्था, स्वच्छता, और स्थानीय कलाकारों को मंच प्रदान करने जैसे विषयों पर महत्वपूर्ण सुझाव साझा किए गए।
एडीएम और आयुक्त ने मीडिया को भरोसा दिलाया कि प्राप्त सकारात्मक सुझावों को आयोजन में प्रभावी ढंग से लागू किया जाएगा।
उद्देश्य
आयोजन का उद्देश्य केवल जिले में ही नहीं बल्कि पूरे राज्य के पर्यटन मानचित्र पर चूरू महोत्सव को अपनी विशिष्ट पहचान दिलाना है।
इस वर्ष महोत्सव के माध्यम से लोक कला के संरक्षण के साथ-साथ नवाचारों के लिए भी मंच तैयार किया जाएगा, जिससे स्थानीय कलाकारों और युवा प्रतिभाओं को अवसर मिल सके।
