चूरू। पश्चिमी राजस्थान के थार का द्वार कहे जाने वाले चूरू जिले में नौतपा ने अपना रौद्र रूप दिखाना शुरू कर दिया है।
भीषण गर्मी, तेज लू और झुलसाती हवाओं के कारण पूरे जिले का जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। आसमान से बरसती आग के बीच दिन का तापमान 45 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया है।
रातें भी बन गईं भट्टी
दिन की भीषण तपिश के बाद रात में भी लोगों को राहत नहीं मिल रही।
जिले का न्यूनतम तापमान करीब 5 डिग्री बढ़कर 32 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है। इससे रात के समय भी गर्म हवाएं चल रही हैं और लोग बेचैनी महसूस कर रहे हैं।
स्थानीय लोग इसे “आग का गोला” जैसी स्थिति बता रहे हैं।
सड़कों पर पसरा सन्नाटा
गर्म हवाओं और धूलभरी आंधी के कारण लोग घरों में कैद होने को मजबूर हैं।
दोपहर के समय बाजारों में सन्नाटा पसरा नजर आ रहा है और सड़कों पर आवाजाही बेहद कम हो गई है।
भीषण गर्मी के कारण कूलर और पंखे भी बेअसर साबित हो रहे हैं और गर्म हवा फेंक रहे हैं।
लोग ले रहे ठंडे पेय का सहारा
गर्मी से राहत पाने के लिए लोग:
- छाछ
- शिकंजी
- ठंडे पेय पदार्थ
- तरबूज और खरबूजे जैसे रसीले फलों
का सहारा ले रहे हैं।
डॉक्टरों की सलाह
चिकित्सकों ने लोगों को दोपहर के समय अनावश्यक रूप से घरों से बाहर नहीं निकलने की सलाह दी है।
साथ ही अधिक से अधिक पानी पीने और शरीर को हाइड्रेटेड रखने की अपील की गई है ताकि हीटस्ट्रोक और लू-तापघात से बचा जा सके।
मौसम विभाग का हीटवेव अलर्ट
मौसम विभाग ने 29 मई तक हीटवेव (लू) का येलो अलर्ट जारी किया है।
हालांकि विभाग ने 27 से 29 मई के बीच तेज हवाओं के साथ हल्की बारिश की संभावना भी जताई है, जिससे लोगों को थोड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।
प्रशासन और चिकित्सा विभाग अलर्ट
भीषण गर्मी को देखते हुए जिला प्रशासन ने सड़कों पर पानी के छिड़काव का काम शुरू कर दिया है।
वहीं चिकित्सा विभाग भी अलर्ट मोड पर है। अस्पतालों में:
- दवाइयां
- पेयजल
- कूलर और पंखे
की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है।
इसके अलावा रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड और धान मंडी जैसे सार्वजनिक स्थानों पर ओआरएस के पैकेट भी वितरित किए जा रहे हैं।





