भद्रा काल के बाद रात 1:52 से 2:35 बजे तक होगा होलिका दहन
चूरू जिले में होली का पर्व पारंपरिक धार्मिक मान्यताओं और शुभ मुहूर्त के अनुसार मनाया जाएगा।
होलिका दहन को लेकर ज्योतिषाचार्यों और पंडितों द्वारा अलग-अलग समय बताए जा रहे हैं, लेकिन शहर में मुख्य मुहूर्त तय कर दिया गया है।
कब है होलिका दहन का शुभ समय?
अगुणा मोहल्ला निवासी पंडित महेंद्र शास्त्री के अनुसार, संवत 2083 में 2 मार्च, सोमवार को शाम 5:07 बजे पूर्णिमा तिथि प्रारंभ होगी।
हालांकि, इसके 57 मिनट बाद भद्रा काल शुरू हो जाएगा, जो 3 मार्च की सुबह 5:20 बजे तक रहेगा।
पंडित शास्त्री ने बताया कि होलिका दहन भद्रा पुच्छ भाग में रात 1:52 बजे से 2:35 बजे के बीच किया जाएगा।
चंद्रग्रहण का भी रहेगा प्रभाव
3 मार्च, मंगलवार को चंद्रग्रहण का सूतक सुबह 6:20 बजे से प्रारंभ होगा।
चंद्रग्रहण दोपहर 3:20 बजे शुरू होकर शाम 6:47 बजे शुद्ध होगा।
ज्योतिषाचार्यों के अनुसार, ग्रहण और भद्रा काल को ध्यान में रखते हुए ही होलिका दहन का समय निर्धारित किया गया है।
अलग-अलग तहसीलों में अलग मुहूर्त
जिले की विभिन्न तहसीलों में होलिका दहन का समय थोड़ा अलग हो सकता है। श्रद्धालुओं से अपील की गई है कि वे स्थानीय पंडितों से परामर्श लेकर ही दहन करें।
यहां होगा आयोजन
अगुणा मोहल्ला में संचियाय माता मंदिर के सामने होलिका दहन किया जाएगा।
इसके बाद 3 मार्च को धुलंडी का पर्व पारंपरिक रीति-रिवाज और शुभ मुहूर्त में मनाया जाएगा।
