डिजिटल क्रांति के दौर में कोडिंग, एआई और आईटी स्किल्स सीखने पर जोर
चूरू जिला मुख्यालय स्थित मातुश्री कमला गोयनका टाउन हॉल में आयोजित आईस्टार्ट अवेयरनेस कार्यशाला का निरीक्षण जिला कलेक्टर Abhishek Surana ने किया।
उन्होंने युवाओं से संवाद करते हुए स्टार्टअप, नवाचार और डिजिटल तकनीकों को अपनाने का आह्वान किया।
युवा बनें जॉब सीकर नहीं, जॉब क्रिएटर
कलेक्टर सुराणा ने कहा कि वर्तमान समय डिजिटल क्रांति का है, जहां कोडिंग, डेटा एनालिटिक्स, साइबर सिक्योरिटी, कंप्यूटिंग और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे क्षेत्रों में असीम संभावनाएं हैं।
उन्होंने युवाओं से पारंपरिक नौकरी की सोच से आगे बढ़कर जॉब क्रिएटर बनने की अपील की।
उन्होंने कहा कि स्टार्टअप्स केवल रोजगार का माध्यम नहीं, बल्कि आत्मनिर्भर और सुदृढ़ भविष्य की नींव हैं।
2047 तक विकसित भारत में युवाओं की भूमिका
कलेक्टर ने कहा कि प्रधानमंत्री Narendra Modi के वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के संकल्प में स्टार्टअप्स और उद्यमिता की अहम भूमिका होगी।
उन्होंने बताया कि जिले में चल रहे “कोड चूरू” कार्यक्रम के माध्यम से स्कूल स्तर पर भी विद्यार्थियों को कोडिंग और आईटी स्किल्स सिखाई जा रही हैं।
राज्य योजनाओं से मिल रही सहायता
राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं के तहत युवाओं को वित्तीय सहायता, मेंटरशिप, प्रशिक्षण और नेटवर्किंग के अवसर प्रदान किए जा रहे हैं।
कार्यशाला में संयुक्त निदेशक नरेश कुमार ने आईटी क्षेत्र की संभावनाओं पर प्रकाश डाला। एसीपी विनोद कुमारी ने आईस्टार्ट इनक्यूबेशन सेंटर की सुविधाओं की जानकारी दी तथा गौरव ने “कोड चूरू” कार्यक्रम का विवरण प्रस्तुत किया।
