पारंपरिक परिधान, मेहंदी और कविता में दिखी चूरू की सांस्कृतिक झलक
चूरू जिला मुख्यालय के बागला स्कूल खेल मैदान में आयोजित चूरू महोत्सव 2026 के तीसरे दिन प्रतिभागियों ने जोश और उत्साह के साथ अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया।
यह आयोजन पंच गौरव योजना के तहत जिला कलेक्टर अभिषेक सुराणा के निर्देशन में किया जा रहा है।
रंग-बिरंगी प्रतियोगिताओं ने बांधा समां
शनिवार को कला मंच पर कई आकर्षक प्रतियोगिताएं आयोजित हुईं, जिनमें:
- मिस/मिसेज/मिस्टर चूरू (पारंपरिक परिधान)
- मेहंदी प्रतियोगिता
- विचित्र वेशभूषा
- कविता पाठ (मौलिक सृजन)
प्रतिभागियों की प्रस्तुतियों ने दर्शकों का मन मोह लिया।
संस्कृति और रचनात्मकता का संगम
- विचित्र वेशभूषा में प्रतिभागियों की कल्पनाशीलता देखने को मिली
- पारंपरिक परिधान में चूरू की समृद्ध संस्कृति झलकी
- कविता पाठ में भावनाओं को शब्दों में जीवंत किया गया
- मेहंदी कला में बारीक डिजाइन ने सभी को प्रभावित किया
प्रतियोगिताओं के विजेता
पारंपरिक परिधान (मिस/मिसेज/मिस्टर चूरू)
- जूनियर (मिस): पराक्रीति प्रथम, लव्या द्वितीय, पराही खेमका तृतीय
- सीनियर (मिस): वर्षा सैनी प्रथम, ईशा जोशी द्वितीय, कुसुम सैनी तृतीय
- मिसेज: सुहिता नेहरा प्रथम, जयश्री भारतीय द्वितीय, एकता शर्मा तृतीय
- मिस्टर जूनियर: हर्शुल शर्मा प्रथम, यशवर्धन शर्मा द्वितीय
- मिस्टर सीनियर: प्रदीप कत्थक प्रथम, राहुल शर्मा द्वितीय, गोरधन पूनिया तृतीय
मेहंदी प्रतियोगिता
- जूनियर: प्रिया जांगिड़ प्रथम, विप्रा कौशिक द्वितीय
- सीनियर: संगीता प्रजापत प्रथम, कनिष्का प्रजापत द्वितीय, आरती प्रजापत तृतीय
विचित्र वेशभूषा
- जूनियर: माधव शर्मा प्रथम, मिशिका कस्वां द्वितीय, इवांका पारीक तृतीय
- सीनियर: वर्षा सैनी प्रथम, रिद्धिमा शर्मा द्वितीय, जया भारद्वाज तृतीय
कविता पाठ प्रतियोगिता
- जूनियर: विप्रा कौशिक प्रथम, वेदांशी गौड़ द्वितीय, पारस तृतीय
- सीनियर: राघव चौधरी प्रथम, राजबाला द्वितीय, माधवी शर्मा तृतीय
निर्णायक और आयोजन टीम
इस दौरान एकता शर्मा, सरिता जोशी, बबीता कस्वां, दिनेश प्रजापत, रवि सेन, रचना कोठारी सहित कई निर्णायकों ने भूमिका निभाई।
प्रतियोगिताओं का संयोजन मुकुल भाटी ने किया, जबकि संचालन बजरंग हर्षवाल और शिव कुमार शर्मा ने किया।
संस्कृति को जीवंत करने का प्रयास
चूरू महोत्सव का यह आयोजन जिले की लोक संस्कृति, परंपरा और प्रतिभाओं को मंच देने का एक महत्वपूर्ण प्रयास है।
महोत्सव में लगातार बढ़ती भागीदारी इसे और भी खास बना रही है।
