चूरू। पंचायती राज विभाग से जुड़ी विभिन्न लंबित मांगों को लेकर सोमवार को मंत्रालयिक कर्मचारियों ने मुख्यमंत्री के नाम अतिरिक्त जिला कलेक्टर (एडीएम) अर्पिता सोनी को ज्ञापन सौंपा।
कर्मचारियों ने विभाग पर उनकी मांगों की अनदेखी करने का आरोप लगाते हुए जल्द समाधान की मांग की।
प्रदेशभर के कर्मचारियों में नाराजगी
कर्मचारी संगठनों का कहना है कि प्रदेश के हजारों मंत्रालयिक कर्मचारियों की विभिन्न मांगें लंबे समय से लंबित हैं।
ज्ञापन में आरोप लगाया गया कि कनिष्ठ लिपिक भर्ती-2013 की जांच का हवाला देकर कर्मचारियों की अन्य मांगों पर पिछले दो वर्षों से कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया।
कर्मचारियों ने रखीं ये प्रमुख मांगें
ज्ञापन के माध्यम से कर्मचारियों ने कई महत्वपूर्ण मांगें उठाईं, जिनमें
- मंत्रालयिक कर्मचारियों का जॉब चार्ट जारी करना
- ग्रेड पे 3600 रुपए करना
- अंतर-जिला तबादले खोलना
- पदोन्नति के पदों में वृद्धि
- अतिरिक्त प्रभार व्यवस्था समाप्त करना
- लंबित सेवा संबंधी मामलों का समाधान
जैसी मांगें प्रमुख रूप से शामिल रहीं।
आंदोलन की चेतावनी
कर्मचारियों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो प्रदेशभर में व्यापक आंदोलन शुरू किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि ऐसी स्थिति में उत्पन्न होने वाली परिस्थितियों की जिम्मेदारी शासन और संबंधित विभाग की होगी।
बड़ी संख्या में कर्मचारी रहे मौजूद
ज्ञापन सौंपने के दौरान मंत्रालयिक कर्मचारी संगठन के कई पदाधिकारी और सदस्य मौजूद रहे।
इस अवसर पर जिला अध्यक्ष बबलू कड़वासरा, प्रदेश संयोजक मंडल सदस्य विजेंद्र पूनिया, जिला महामंत्री नवनीत चौधरी, प्रदेश वरिष्ठ उपाध्यक्ष रणजीत सहाराण, प्रदेश संगठन मंत्री सुनील सरावग सहित बड़ी संख्या में कर्मचारी उपस्थित रहे।
समाधान की उम्मीद
कर्मचारियों ने उम्मीद जताई कि राज्य सरकार उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार कर शीघ्र निर्णय लेगी, जिससे लंबे समय से लंबित समस्याओं का समाधान हो सके।





