चूरू विधायक हरलाल सहारण को फर्जी मार्कशीट मामले में बड़ी राहत मिली है।
सरदारशहर सीजेएम कोर्ट ने दस्तावेजों को सही मानते हुए उन्हें बरी कर दिया।
2019 में दर्ज हुआ था मामला
यह मामला 25 जनवरी 2019 का है, जब ढाढर ग्राम पंचायत के पूर्व सरपंच चिमनाराम कालेर ने शिकायत दर्ज कराई थी।
शिकायत में आरोप था कि सहारण ने 10वीं की फर्जी मार्कशीट लगाकर चुनाव लड़ा।
पहले गिरफ्तारी, फिर जमानत
मामले में मई 2019 में जयपुर पुलिस ने हरलाल सहारण को गिरफ्तार किया था।
इसके बाद हाईकोर्ट ने उन्हें जमानत दे दी थी।
क्या बोले विधायक सहारण?
फैसले के बाद सहारण ने कहा:
“यह न्याय और सच्चाई की जीत है। मुझे पहले से ही कोर्ट पर विश्वास था।”
उन्होंने आरोप लगाया कि उन्हें राजनीतिक द्वेष के कारण फंसाया गया था।
परिवादी पक्ष क्या कहता है?
परिवादी पक्ष के वकील सुरेंद्र जाखड़ के अनुसार:
- मार्कशीट उत्तराखंड बोर्ड से जारी नहीं थी
- संबंधित स्कूल रजिस्टर्ड नहीं था
उन्होंने कहा कि अब इस मामले में एडीजे कोर्ट में अपील की जाएगी।
वकील का पक्ष: मामला था झूठा
विधायक के वकील सुरेंद्र सिंह ने कहा कि:
“यह मामला पूरी तरह झूठा था, जो अब कोर्ट में साबित हो गया है।”
राजनीतिक सफर भी चर्चा में
हरलाल सहारण:
- 2015 में जिला प्रमुख बने
- 2023 में बीजेपी से विधायक चुने गए
उन्होंने चूरू विधानसभा सीट से कांग्रेस के रफीक मंडेलिया को हराया था।
अब आगे क्या?
हालांकि कोर्ट ने सहारण को बरी कर दिया है, लेकिन:
- परिवादी पक्ष अपील की तैयारी में है
जिससे मामला आगे फिर अदालत में जा सकता है।
