चूरू जिला प्रशासन ने आगामी मानसून सीजन को देखते हुए आपदा प्रबंधन तैयारियों को लेकर कमर कस ली है। जिला कलक्टर अभिषेक सुराणा ने सोमवार को डीओआईटी वीसी सभागार में आयोजित जिला स्तरीय समीक्षा बैठक में सभी विभागों को संभावित आपदाओं से निपटने के लिए व्यापक तैयारियां सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
बैठक में पुलिस अधीक्षक निश्चय प्रसाद एम, अतिरिक्त जिला कलक्टर अर्पिता सोनी, सीईओ श्वेता कोचर सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
नियंत्रण कक्ष और त्वरित रिस्पॉन्स पर जोर
जिला कलक्टर सुराणा ने कहा कि मानसून के दौरान बाढ़, जलभराव और अन्य आपदाओं की आशंकाओं को देखते हुए सभी विभाग पूर्व तैयारी रखें। उन्होंने निर्देश दिए कि विभागीय नियंत्रण कक्ष स्थापित और सक्रिय किए जाएं ताकि किसी भी आपात स्थिति में आमजन को तत्काल सहायता मिल सके।
उन्होंने कहा कि मौसम संबंधी गतिविधियों की नियमित समीक्षा की जाए और विभागीय कार्यों का समय-समय पर पूर्वाभ्यास भी किया जाए।
नगर निकायों को दिए विशेष निर्देश
बैठक में नगर निकाय अधिकारियों को बारिश और बाढ़ की स्थिति में मृत पशुओं, कचरे और मलबे के शीघ्र निस्तारण के निर्देश दिए गए। साथ ही मूवेबल पंप, मिट्टी के कट्टे, मड पंप और आवश्यक उपकरणों की उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा गया।
बिजली, पेयजल और स्वास्थ्य सेवाओं पर फोकस
जिला कलक्टर ने डिस्कॉम अधिकारियों को ढीले बिजली तारों और ट्रांसफॉर्मरों की मरम्मत करने के निर्देश दिए। वहीं पीएचईडी विभाग को जलभराव वाले क्षेत्रों में पानी निकासी, पंप सेट व्यवस्था और पेयजल स्रोतों के क्लोरीनेशन सुनिश्चित करने को कहा।
चिकित्सा विभाग को जीवन रक्षक दवाइयों की पर्याप्त उपलब्धता तथा आवश्यकता पड़ने पर मोबाइल चिकित्सा दल तैयार रखने के निर्देश दिए गए।
पशुधन और राहत कार्यों की भी तैयारी
पशुपालन विभाग को आपदा के दौरान पशुओं में फैलने वाली बीमारियों की रोकथाम, पर्याप्त दवाइयों की व्यवस्था तथा प्रभावित क्षेत्रों में चारा और पशु आहार उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए।
रसद विभाग को उचित मूल्य की दुकानों पर खाद्यान्न भंडारण सुनिश्चित करने तथा आवश्यकता पड़ने पर राहत वितरण की व्यवस्था करने को कहा गया।
पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां रहेंगी सतर्क
पुलिस अधीक्षक निश्चय प्रसाद एम ने सभी विभागों के बीच बेहतर समन्वय पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि किसी भी संदिग्ध व्यक्ति, वाहन या वस्तु की सूचना तुरंत पुलिस को दी जाए।
उन्होंने बताया कि आपदा की स्थिति में गोताखोर, तैराक, होमगार्ड, आरएसी जवान, लाइफ जैकेट, रस्सियां, टॉर्च और अन्य जीवन रक्षक उपकरण उपलब्ध रखे जाएंगे।
अधिकारियों को एसओपी का पालन करने के निर्देश
अतिरिक्त जिला कलक्टर अर्पिता सोनी ने अधिकारियों को आपदा प्रबंधन की मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) का अध्ययन करने और विभागीय गतिविधियों की नियमित मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए।
बैठक में डीएफओ भवानी सिंह, एडीपीएस मीनू वर्मा सहित जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद रहे, जबकि सभी ब्लॉकों के उपखंड अधिकारी और ब्लॉक स्तरीय अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े।





