रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर और नई ट्रेनों को लेकर सांसद की बड़ी मांग
दिल्ली में लोकसभा की कार्यवाही के दौरान चूरू सांसद राहुल कस्वां ने रेलवे से जुड़े अहम मुद्दे उठाए। उन्होंने वर्ष 2026-27 के लिए रेल मंत्रालय के अनुदान पर चर्चा में भाग लेते हुए रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर सुधार और रेल सेवाओं के विस्तार की मांग रखी।
रेलवे की आर्थिक स्थिति पर चिंता
सांसद कस्वां ने कहा कि पहले रेलवे का ऑपरेटिंग रेश्यो करीब 75% था, जो अब बढ़कर 98% से अधिक हो गया है।
उन्होंने कहा,
“इसका मतलब है कि रेलवे के पास बचत के नाम पर बहुत कम राशि बचती है, जो भविष्य के विकास को प्रभावित कर सकती है।”
DFC प्रोजेक्ट में देरी पर सवाल
उन्होंने Dedicated Freight Corridor (DFC) को बेहद महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि दादरी से JNPT और लुधियाना से दानकुनी तक कनेक्टिविटी अभी तक पूरी नहीं हो पाई है।
इस देरी के कारण देश को अपेक्षित लाभ नहीं मिल रहा है।
जनरल कोच की हालत पर उठाई आवाज
सांसद ने ट्रेनों में जनरल क्लास की खराब स्थिति पर चिंता जताई।
उन्होंने कहा कि डिब्बों में अत्यधिक भीड़ होती है और यात्रियों को भारी परेशानी झेलनी पड़ती है।
उन्होंने मांग की कि
जनरल श्रेणी की नई एक्सप्रेस ट्रेनें चलाई जाएं, जिससे आम जनता को राहत मिल सके।
अमृत भारत स्टेशन योजना पर सवाल
कस्वां ने अमृत भारत स्टेशन योजना की धीमी प्रगति पर भी सवाल उठाए।
उन्होंने कहा कि कई जगहों पर काम अधूरा पड़ा है, जिससे यात्रियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
चूरू क्षेत्र के लिए रखी ये बड़ी मांगें
सांसद ने अपने संसदीय क्षेत्र के लिए कई महत्वपूर्ण प्रस्ताव रखे—
- सादुलपुर, रतनगढ़ और सरदारशहर में नए RUB (रेलवे अंडर ब्रिज) बनाए जाएं
- नई रेल लाइनों का निर्माण:
- सादुलपुर – तारानगर – सरदारशहर – गजसिंहपुर
- सरदारशहर – हनुमानगढ़
- खाटू धाम – सालासर – बीदासर – मुकाम धाम – देशनोक
- सुजानगढ़ रेलवे स्टेशन को शहर से बाहर शिफ्ट किया जाए
नई ट्रेनों की भी मांग
सांसद ने यात्रियों की सुविधा के लिए नई ट्रेनों की मांग भी रखी—
- हनुमानगढ़ से दिल्ली (वाया सादुलपुर) वंदे भारत ट्रेन
- हनुमानगढ़ या सादुलपुर से पुणे के लिए सीधी ट्रेन सेवा
क्षेत्र के विकास से जुड़ी उम्मीदें
इन मांगों के पूरा होने पर चूरू और आसपास के क्षेत्रों में यातायात सुविधा बेहतर होगी और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा।
