चूरू जिले के सरदारशहर में बालश्रम के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक 12 वर्षीय बालक को चाय की दुकान से रेस्क्यू किया है। पुलिस ने मामले में टी-स्टॉल संचालक के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
बीकानेर बस स्टैंड के पास हुई कार्रवाई
जानकारी के अनुसार, जिला पुलिस अधीक्षक निश्चय प्रसाद के निर्देशन में 1 मई से 7 मई तक बालश्रम रोकथाम अभियान चलाया जा रहा है। इसी अभियान के तहत मंगलवार को सरदारशहर पुलिस और एएचटीयू (Anti Human Trafficking Unit) की संयुक्त टीम ने बीकानेर बस स्टैंड के पास स्थित पुजारी टी-स्टॉल पर छापेमारी की।
मौके पर एक नाबालिग बालक से मजदूरी करवाई जा रही थी। पुलिस टीम ने तुरंत कार्रवाई करते हुए बालक को बालश्रम से मुक्त कराया।
बिहार का रहने वाला है बालक
पुलिस के अनुसार, रेस्क्यू किया गया बालक मूल रूप से बिहार के समस्तीपुर जिले का रहने वाला है। उसे बाल कल्याण समिति चूरू के समक्ष पेश किया गया।
समिति ने बच्चे के माता-पिता की काउंसलिंग कर उन्हें बालक को स्कूल भेजने और शिक्षा दिलाने की समझाइश दी। इसके बाद बालक को परिजनों की सुपुर्दगी में सौंप दिया गया।
होटल संचालक पर दर्ज हुआ मामला
बालश्रम कानून का उल्लंघन करने पर पुलिस ने टी-स्टॉल संचालक विक्रम कुमार निवासी भोजूसर के खिलाफ सख्त कार्रवाई की है।
आरोपी के खिलाफ:
- बालश्रम अधिनियम 1986
- जेजे एक्ट
- बीएनएस की संबंधित धाराएं
के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।
इन अधिकारियों की रही अहम भूमिका
इस कार्रवाई में:
- उपनिरीक्षक जगदीश प्रसाद
- एएचटीयू के हनुमान सिंह
- डॉ. भागीरथ
- महिला कांस्टेबल संगीता
की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
पुलिस की अपील
पुलिस ने आमजन से अपील की है कि यदि कहीं भी बालश्रम कराया जाता दिखे तो तुरंत इसकी सूचना पुलिस या संबंधित विभाग को दें, ताकि बच्चों के अधिकारों की रक्षा की जा सके।
जिले के विभिन्न उपखंडों चूरू, तारानगर, रतनगढ़, राजगढ़, सुजानगढ़,सरदारशहर एवं बीदासर में निर्धारित कार्यक्रम अनुसार प्रशिक्षण आयोजित किए जा रहे हैं।



