मानसून अलर्ट: खाद्यान्न, गैस और ईंधन का रिजर्व स्टॉक अनिवार्य
चूरू जिले में आगामी दक्षिण-पश्चिम मानसून 2026 के दौरान संभावित जलभराव और बाढ़ जैसी परिस्थितियों को देखते हुए जिला प्रशासन ने आवश्यक तैयारियां शुरू कर दी हैं। जिला कलक्टर अभिषेक सुराणा ने खाद्यान्न और अन्य जरूरी वस्तुओं का पर्याप्त रिजर्व स्टॉक रखने के निर्देश जारी किए हैं।
प्रशासन का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि किसी भी आपात स्थिति में आमजन को आवश्यक वस्तुओं की कमी का सामना न करना पड़े।
30 सितंबर तक प्रभावी रहेगा आदेश
जारी आदेश के अनुसार, राजस्थान खाद्यान्न एवं अन्य आवश्यक पदार्थ (वितरण का विनियमन) आदेश, 1976 के तहत प्रदत्त शक्तियों का उपयोग करते हुए जिले के पीडीएस थोक विक्रेताओं, उचित मूल्य दुकानदारों, गैस एजेंसियों और पेट्रोल पंप संचालकों को 30 सितंबर 2026 तक रिजर्व स्टॉक बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं।
कितना रखना होगा रिजर्व स्टॉक?
जिला प्रशासन द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार
- सभी उचित मूल्य दुकानदारों (FPS) को 10 क्विंटल गेहूं का रिजर्व स्टॉक रखना होगा।
- सभी एलपीजी गैस एजेंसियों को 50 गैस सिलेंडर रिजर्व रखने होंगे।
- पेट्रोल पंप संचालकों को 5000 लीटर डीजल और 2000 लीटर पेट्रोल का अतिरिक्त स्टॉक रखना होगा।
बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में आपूर्ति बनाए रखने पर जोर
जिला कलक्टर ने सभी प्रवर्तन अधिकारियों और संबंधित विभागों को निर्देशित किया है कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में संभावित जलभराव या बाढ़ की स्थिति में खाद्यान्न और आवश्यक वस्तुओं की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करें।
इसके साथ ही अधिकारियों को प्रभावित क्षेत्रों में राहत व्यवस्था मजबूत करने और आवश्यक वस्तुओं के सुरक्षित भंडारण की निगरानी करने के भी निर्देश दिए गए हैं।
स्वैच्छिक संगठनों से सहयोग की अपील
प्रशासन ने संभावित आपदा की स्थिति में स्वैच्छिक संगठनों और सामाजिक संस्थाओं को भी राहत एवं सहायता कार्यों में सहयोग के लिए प्रेरित करने के निर्देश दिए हैं।
साथ ही उचित मूल्य दुकानों पर सरकार की विभिन्न योजनाओं के तहत उपलब्ध खाद्यान्न के सुरक्षित रख-रखाव और भंडारण की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया है।
जिला कलक्टर ने क्या कहा?
जिला कलक्टर अभिषेक सुराणा ने स्पष्ट किया कि मानसून के दौरान किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए पहले से तैयारी करना आवश्यक है। रिजर्व स्टॉक व्यवस्था से प्रभावित क्षेत्रों में आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता बनी रहेगी और आमजन को राहत मिलेगी।





