चूरू। जिला पुलिस और साइबर सैल की टीम ने एक विशेष अभियान के तहत बड़ी सफलता हासिल करते हुए 100 गुमशुदा और चोरी हुए मोबाइल फोन बरामद किए हैं। बरामद मोबाइलों की अनुमानित बाजार कीमत करीब 30 लाख रुपये बताई जा रही है।
यह अभियान 15 मई से 31 मई 2026 तक चलाया गया, जिसमें आधुनिक तकनीक और सीईआईआर पोर्टल की मदद से मोबाइलों को ट्रेस किया गया।
सीईआईआर पोर्टल से मिली बड़ी सफलता
पुलिस अधीक्षक निश्चय प्रसाद एम के निर्देशन में चलाए गए अभियान के दौरान CEIR (Central Equipment Identity Register) पोर्टल का उपयोग कर गुम और चोरी हुए मोबाइल फोन ट्रैक किए गए।
इसके बाद जिले के विभिन्न पुलिस थानों और साइबर सैल के समन्वय से मोबाइलों को बरामद किया गया।
एप्पल से लेकर नथिंग तक कई ब्रांड के मोबाइल बरामद
अभियान में बरामद मोबाइलों में कई नामी कंपनियों के महंगे स्मार्टफोन शामिल हैं।
इनमें Apple, Samsung, OnePlus, Xiaomi, Vivo, Realme, Oppo, iQOO और Nothing जैसी कंपनियों के मोबाइल फोन शामिल हैं।
पुलिस के अनुसार अधिकांश मोबाइल गुम होने या चोरी होने के बाद विभिन्न स्थानों पर उपयोग किए जा रहे थे।
इन थानों से सबसे ज्यादा मोबाइल रिकवर
अभियान के दौरान जिले के विभिन्न थानों से मोबाइल फोन बरामद किए गए। इनमें—
- सरदारशहर थाना – 14 मोबाइल
- राजगढ़ थाना – 12 मोबाइल
- कोतवाली चूरू – 10 मोबाइल
- साइबर सैल (एसपी कार्यालय) – 10 मोबाइल
- सुजानगढ़ – 7 मोबाइल
- सिद्धमुख – 7 मोबाइल
- दूधवाखारा – 6 मोबाइल
- तारानगर – 5 मोबाइल
- राजलदेसर – 4 मोबाइल
- हमीरवास एवं साइबर थाना – 3-3 मोबाइल
- रतननगर, भालेरी, भानीपुरा एवं रतनगढ़ – 2-2 मोबाइल
जल्द लौटाए जाएंगे वास्तविक मालिकों को
पुलिस प्रशासन ने बताया कि सभी बरामद मोबाइलों को आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद उनके वास्तविक मालिकों को सुपुर्द किया जाएगा।
इसके अलावा जो मोबाइल अन्य राज्यों में सक्रिय पाए गए हैं, उन्हें रिकवर करने के लिए संबंधित राज्यों की साइबर सैल से संपर्क किया जा रहा है।
मोबाइल गुम होने पर क्या करें?
पुलिस ने आमजन से अपील की है कि मोबाइल गुम या चोरी होने की स्थिति में तुरंत CEIR पोर्टल पर ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराएं।
“समय पर पंजीकरण कराने से मोबाइल ट्रेस करने और वापस दिलाने की संभावना काफी बढ़ जाती है।” पुलिस प्रशासन
साइबर सैल टीम की रही अहम भूमिका
इस अभियान की सफलता में साइबर सैल प्रभारी भागीरथ (सहायक उपनिरीक्षक) सहित टीम के सदस्य सुरेंद्र, धर्मवीर, रमाकांत, सत्यवान, सुनील कुमार, अनिल कुमार और महिला कांस्टेबल मनीता की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
पुलिस अधिकारियों ने टीम के प्रयासों की सराहना करते हुए इसे तकनीकी पुलिसिंग का उत्कृष्ट उदाहरण बताया है।





