निजी बस संचालकों की हड़ताल से जिले में यातायात बुरी तरह प्रभावित
चूरु जिले में प्रदेशव्यापी निजी बस संचालकों की हड़ताल का प्रभाव व्यापक रूप से देखा गया।
बीती रात 12 बजे से शुरू हुई इस अनिश्चितकालीन हड़ताल के कारण हज़ारों यात्री अपने गंतव्य तक नहीं पहुँच पाए।
रतनगढ़ बस स्टैंड पर स्थिति
रतनगढ़ बस स्टैंड पर सुबह से ही भारी भीड़ देखी गई। निजी बसें न चलने के कारण लोग सरकारी बसों (रोडवेज) पर निर्भर हैं।
कब्जे से अधिक यात्रियों के कारण कई लोग पायदान पर लटककर यात्रा करने को मजबूर हुए। दूरदराज के गांवों और शहरों में जाने वाले लोगों, विशेषकर महिलाओं और बच्चों को चिलचिलाती धूप में घंटों इंतजार करना पड़ा।
हड़ताल का कारण
निजी बस संचालक सरकार से अपनी लंबित मांगों के निस्तारण की मांग कर रहे हैं।
उनका कहना है कि सरकार ने उनकी कई समस्याओं पर ध्यान नहीं दिया, इसलिए यह प्रदेश स्तर पर बड़ा कदम उठाया गया है।
प्रशासन की भूमिका
स्थानीय प्रशासन और रोडवेज अधिकारियों ने यात्रियों को अनुचित भीड़ से बचाने के लिए कुछ अतिरिक्त बसें चलाने की कोशिश की, लेकिन भीड़ नियंत्रित नहीं हो सकी।
