मध्यस्थता से खत्म हुआ वर्षों पुराना विवाद, परिवार में बनी सौहार्द की मिसाल
चूरू में मध्यस्थता अभियान 2.0 के तहत जिला न्यायालय में लंबित एक पारिवारिक संपत्ति विवाद को सफलतापूर्वक सुलझा लिया गया।
यह मामला वर्षों से चल रहा था, जिसका अब आपसी सहमति से निपटारा हो गया।
क्या था पूरा मामला
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव डॉ. शरद कुमार व्यास के अनुसार यह विवाद मदनलाल बनाम मैना देवी के बीच था।
यह मामला अगुणा मोहल्ला स्थित पैतृक संपत्ति के बंटवारे से जुड़ा हुआ था।
न्यायालय की अहम भूमिका
इस मामले का समाधान जिला एवं सेशन न्यायाधीश सोनिका पुरोहित के मार्गदर्शन में हुआ।
वहीं पारिवारिक न्यायालय के न्यायाधीश पवन कुमार वर्मा ने मध्यस्थता कर दोनों पक्षों को समझाइश दी।
बहनों ने लिया बड़ा फैसला
मध्यस्थता के बाद दोनों पक्ष राजीनामे पर सहमत हो गए।
समझौते के तहत मदनलाल की बहनों ने अपने हिस्से की संपत्ति अपने भाई और उनके पुत्रों के पक्ष में छोड़ दी।
यह फैसला परिवार में आपसी प्रेम और सौहार्द का उदाहरण बन गया।
अधिवक्ताओं की महत्वपूर्ण भूमिका
इस समझौते में अधिवक्ता पवन कुमार शर्मा और हनुमान प्रसाद स्वामी ने भी अहम भूमिका निभाई।
मध्यस्थता के फायदे
सचिव ने बताया कि मध्यस्थता से निपटे मामलों में:
- आगे अपील की आवश्यकता नहीं होती
- न्यायालय शुल्क वापस मिल जाता है
- विवाद का त्वरित और शांतिपूर्ण समाधान होता है
समाज के लिए मिसाल
यह मामला न केवल संबंधित परिवार के लिए राहतकारी रहा, बल्कि समाज के लिए भी सौहार्दपूर्ण समाधान का बेहतरीन उदाहरण बन गया।
